अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक गतिशीलता को बढ़ावा देते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के 50 छात्रों को AI, एयरोस्पेस और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए 10 देशों की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में भेजा गया है।
- 10 देशों की 27 प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में 50 छात्र भेजे गए।
- ताइवान और फ्रांस सबसे पसंदीदा गंतव्य रहे, जिनमें कुल 74% छात्र शामिल हैं।
- AI, डेटा साइंस, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक विषयों पर जोर।
- पिछले 12 वर्षों में 2,450 से अधिक छात्रों को वैश्विक एक्सपोजर प्रदान किया गया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने शिक्षा के वैश्वीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपने 50 महत्वाकांक्षी छात्रों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में भेजा है। सितंबर 2026 के इस बैच में छात्र यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस और ताइवान सहित 10 देशों की यात्रा करेंगे, जहाँ वे सेमेस्टर एक्सचेंज, रिसर्च इंटर्नशिप और इंटरनेशनल ट्रांसफर प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे।
कैंपस में आयोजित एक भव्य विदाई समारोह के दौरान, अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विभाग के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) राजन शर्मा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल छात्रों को पारंपरिक कक्षाओं से बाहर निकालकर उन्हें उन वैश्विक अनुसंधान वातावरणों और पेशेवर प्रथाओं से परिचित कराने के लिए है, जो आज की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में अनिवार्य हैं।
छात्रों का क्षेत्रीय वितरण
आंकड़ों से पता चलता है कि छात्रों का रुझान एशियाई और यूरोपीय केंद्रों की ओर अधिक बढ़ा है। ताइवान और फ्रांस मुख्य गंतव्य बनकर उभरे हैं, जहाँ क्रमशः 22 और 14 छात्र जा रहे हैं। भौगोलिक दृष्टि से, एशिया में 47% और यूरोप में 43% छात्र शामिल हैं, जबकि उत्तरी अमेरिका और रूस का हिस्सा कम है।
| क्षेत्र | छात्रों की संख्या | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| एशिया (ताइवान, दक्षिण कोरिया सहित) | 23 | 47% |
| यूरोप (फ्रांस, जर्मनी, यूके सहित) | 21 | 43% |
| उत्तरी अमेरिका (कनाडा) | 3 | 6% |
| रूस | 2 | 4% |
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह प्रवृत्ति "डीप-टेक" और बहुविषयक शिक्षा की ओर एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है। ताइवान (सेमीकंडक्टर हब) और फ्रांस (एयरोस्पेस लीडर) जैसे देशों में छात्रों को भेजकर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी न केवल डिग्री प्रदान कर रही है, बल्कि अपने छात्रों को वैश्विक औद्योगिक शक्तियों के साथ जोड़ रही है। इससे स्नातक न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
"वैश्विक शैक्षणिक गतिशीलता अब केवल एक विलासिता नहीं बल्कि AI और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करने के लिए एक आवश्यकता है।"
विश्वविद्यालय का ट्रैक रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है, जिसके पास 100 से अधिक देशों में 540 अंतर्राष्ट्रीय सहयोग हैं। पिछले 12 वर्षों में, 2,450 से अधिक छात्रों ने इन कार्यक्रमों का लाभ उठाया है। विशेष रूप से, इंटरनेशनल ट्रांसफर प्रोग्राम और मास्टर्स अब्रॉड पहलों में पार्टनर यूनिवर्सिटीज में 100% प्लेसमेंट दर्ज किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: 2026 में CU छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय देश कौन से हैं?
ताइवान और फ्रांस सबसे पसंदीदा विकल्प हैं, जो कुल छात्रों का लगभग 74% हिस्सा बनाते हैं।
प्रश्न 2: ये छात्र किन शैक्षणिक क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे हैं?
इस समूह में कंप्यूटर साइंस, AI और मशीन लर्निंग, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, मनोविज्ञान और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं।