बदलते जॉब मार्केट और शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए कालीकट विश्वविद्यालय जल्द ही 50 नए स्नातक (UG) और 30 स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

  • कालीकट विश्वविद्यालय 50 नए यूजी और 30 नए पीजी कोर्स शुरू करने की तैयारी में है।
  • उद्देश्य: डेटा एनालिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ रिहैबिलिटेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल प्रदान करना।
  • प्रो. के. जॉर्ज थॉमस की अध्यक्षता में एक विशेष समिति इन पाठ्यक्रमों की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रही है।

केरल के कालीकट विश्वविद्यालय (CU) ने बदलते वैश्विक रोजगार परिदृश्य और शैक्षणिक अनुशासन में आ रहे तीव्र बदलावों के जवाब में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह महसूस किया है कि पारंपरिक पाठ्यक्रमों की तुलना में अब छात्र उन प्रोग्राम्स की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं जो सीधे तौर पर किसी विशिष्ट कौशल या पेशे से जुड़े हैं।

विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि कई पुराने और स्थापित पाठ्यक्रमों की सीटें खाली रह रही हैं, जबकि कौशल-आधारित नए पाठ्यक्रमों में भारी मांग है। इसी अंतर को पाटने के लिए कुलपति पी. रवींद्रन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि उच्च शिक्षा का यह बदलाव केवल पाठ्यक्रम बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि यह 'डिग्री-केंद्रित' शिक्षा से 'कौशल-केंद्रित' शिक्षा की ओर एक रणनीतिक बदलाव है। जब शैक्षणिक संस्थान उद्योग की मांगों के साथ तालमेल नहीं बिठाते, तो बेरोजगारी दर बढ़ती है। कालीकट विश्वविद्यालय का यह कदम केरल के युवाओं को वैश्विक बाजार के लिए तैयार करेगा।

समिति में प्रो. के. जॉर्ज थॉमस (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, IISER तिरुवनंतपुरम) के साथ-साथ सिंडिकेट सदस्य टी.एम. वासुदेवन, ए.के. शाहिना मोल और अन्य शिक्षाविद शामिल हैं। इस पैनल को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

"आधुनिक अर्थव्यवस्था में अब केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है; अंतर-विषय ज्ञान और तकनीकी दक्षता ही करियर की सफलता की कुंजी है।"

विश्वविद्यालय का मुख्य ध्यान फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट, डेटा और एनालिटिक्स, तथा स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं जैसे अंतःविषय क्षेत्रों पर होगा। वर्तमान प्रणाली में, बोर्ड ऑफ स्टडीज केवल अपने विषय तक सीमित रहते थे, जिससे नए और मिश्रित विषयों के प्रस्ताव नहीं आ पाते थे। नई समिति इसी बाधा को दूर करेगी।

संबद्ध कॉलेजों के लिए नए पाठ्यक्रमों के आवेदन की खिड़की 1 सितंबर से 31 अक्टूबर तक खुली है, और जुर्माने के साथ आवेदन 31 दिसंबर तक किए जा सकते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि समिति द्वारा सुझाए गए कुछ पाठ्यक्रमों को इसी शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जा सकेगा।

क्या आप जानते हैं?: आधुनिक शिक्षा में 'इंटरडिसिप्लिनरी' (अंतःविषय) दृष्टिकोण का अर्थ है दो या दो से अधिक शैक्षणिक विषयों को मिलाकर एक नया कोर्स बनाना, जैसे 'बायो-इन्फॉर्मेटिक्स' (बायोलॉजी और कंप्यूटर साइंस का मिश्रण)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कौन से नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
उत्तर: मुख्य रूप से डेटा एनालिटिक्स, फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट और हेल्थ रिहैबिलिटेशन सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा।

प्रश्न 2: संबद्ध कॉलेज नए कोर्स के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
उत्तर: सामान्य आवेदन 31 अक्टूबर तक और जुर्माने के साथ आवेदन 31 दिसंबर तक किए जा सकते हैं।