केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने अपने alma mater PSMO कॉलेज, तिरुरंगडी का दौरा किया। उन्होंने कॉलेजों को केवल डिग्री केंद्र न बनाकर उन्हें सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्रों में बदलने का आह्वान किया।
- शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने अपने पूर्व कॉलेज PSMO कॉलेज, तिरुरंगडी का दौरा किया।
- उन्होंने शिक्षण संस्थानों को 'सांस्कृतिक केंद्रों' के रूप में विकसित करने की वकालत की।
- पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण और पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने सोमवार को अपने पुराने शिक्षण संस्थान, PSMO कॉलेज, तिरुरंगडी का दौरा किया। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली कॉलेज वापसी थी, जहाँ उनका स्वागत पूर्व सहपाठियों, शिक्षकों और कॉलेज प्रबंधन द्वारा गर्मजोशी से किया गया। कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मंत्री ने अपनी पुरानी यादें साझा कीं।
मंत्री शम्सुद्दीन, जिन्होंने इसी कॉलेज से बी.कॉम और एम.कॉम की डिग्री प्राप्त की है, ने शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर गहराई से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में शैक्षणिक संस्थानों को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि ऐसे सांस्कृतिक केंद्र बनना चाहिए जो युवा पीढ़ी को एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्कूलों और कॉलेजों के पुस्तकालयों को और अधिक सशक्त बनाया जाना चाहिए ताकि छात्रों में पढ़ने और लिखने की आदत विकसित हो सके।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि शिक्षा मंत्री का यह दृष्टिकोण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में 'समग्र विकास' (Holistic Development) की ओर एक संकेत है। जब एक नीति निर्माता अपने मूल आधार (alma mater) पर लौटकर सांस्कृतिक केंद्रों की बात करता है, तो यह संकेत देता है कि भविष्य की शिक्षा नीतियों में कला, साहित्य और संस्कृति को मुख्यधारा के पाठ्यक्रम के साथ एकीकृत किया जा सकता है।
"शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और जागरूक नागरिक का निर्माण करना है, जिसके लिए सांस्कृतिक जुड़ाव अनिवार्य है।"
कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित 'वोट्टू चरितम 2026' कॉलेज पुस्तकालय को भेंट किया। इसके साथ ही, उन्होंने कॉलेज की प्रतिभाशाली छात्रा तिरथा सुरेश (रियलिटी शो रनर-अप) और नृत्यांगना श्रीलक्ष्मी को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया, जो यह दर्शाता है कि वे शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों को भी महत्व देते हैं।
शम्सुद्दीन ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने चार वर्षों तक यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर और एक वर्ष तक फाइन आर्ट्स सचिव के रूप में कार्य किया था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.पी. मुस्तफा ने की और उद्घाटन कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एम.के. बावा ने किया। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री पी.के. अब्दु रब्ब और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
Frequently Asked Questions
1. मंत्री शम्सुद्दीन ने कॉलेजों के लिए क्या सुझाव दिया?
उन्होंने सुझाव दिया कि कॉलेजों को सांस्कृतिक केंद्र बनना चाहिए और पुस्तकालयों को मजबूत करना चाहिए ताकि युवाओं में बौद्धिक विकास हो सके।
2. 'वोट्टू चरितम 2026' क्या है?
यह राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित एक आधिकारिक दस्तावेज़/पुस्तक है, जिसे मंत्री ने कॉलेज पुस्तकालय को प्रदान किया।