SVKM की एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (SBM) ने फाइनेंशियल टाइम्स की 2026 की रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 100 बिजनेस स्कूलों में अपनी जगह पक्की कर ली है। संस्थान ने करियर प्रोग्रेस और सैलरी ग्रोथ के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है।
- एनएमआईएमएस एसबीएम (NMIMS SBM) वैश्विक स्तर पर 73वें स्थान पर और भारतीय संस्थानों में 10वें स्थान पर रहा।
- करियर प्रोग्रेस के मामले में संस्थान ने दुनिया भर में 29वां स्थान हासिल किया है।
- स्नातक के तीन महीने के भीतर 100% प्लेसमेंट और औसत वेतन में 47.70% की वृद्धि दर्ज की गई।
मुंबई, भारत। SVKM की एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (SBM) ने वैश्विक प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। प्रतिष्ठित फाइनेंशियल टाइम्स (Financial Times) की 'मास्टर्स इन मैनेजमेंट (MiM) रैंकिंग 2026' में संस्थान ने दुनिया के शीर्ष 100 बिजनेस स्कूलों में अपनी जगह बनाई है। यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि एनएमआईएमएस एसबीएम ने पिछले दो वर्षों में अपनी रैंकिंग में जबरदस्त सुधार किया है। 2024 की रैंकिंग में 94वें स्थान पर रहने वाला यह संस्थान 2026 में 21 पायदान ऊपर चढ़कर 73वें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय संस्थानों की सूची में यह 10वें स्थान पर है, जो इसे देश के अग्रणी प्रबंधन केंद्रों में स्थापित करता है।
करियर और वेतन में अभूतपूर्व वृद्धि
फाइनेंशियल टाइम्स की यह रैंकिंग मुख्य रूप से स्नातकों के करियर प्रोग्रेस, वेतन वृद्धि और रोजगार परिणामों पर आधारित है। एनएमआईएमएस एसबीएम ने करियर प्रोग्रेस के पैरामीटर पर वैश्विक स्तर पर 29वां स्थान प्राप्त किया है। आंकड़ों के अनुसार, पूर्व छात्रों के वेतन में 47.70% की वृद्धि देखी गई है, और उनका भारित वेतन (weighted salary) 127,988 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। साथ ही, 92% डेटा कवरेज के आधार पर स्नातक होने के तीन महीने के भीतर 100% रोजगार दर दर्ज की गई है।
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह रैंकिंग केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह भारतीय प्रबंधन शिक्षा के वैश्वीकरण का संकेत है। जब एक भारतीय संस्थान करियर प्रोग्रेस जैसे कठिन मानक पर दुनिया के टॉप 30 में आता है, तो यह वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में भारतीय प्रतिभाओं की बढ़ती मांग और संस्थान की इंडस्ट्री-अलाइन्ड करिकुलम रणनीति की सफलता को साबित करता है।
"एनएमआईएमएस की यह प्रगति अकादमिक कठोरता और वैश्विक प्रासंगिकता के बीच संतुलन बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है।" - प्रो. सौगाता राय, कुलपति।
विविधता और स्थिरता पर जोर
संस्थान ने विविधता (Diversity) के मोर्चे पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। रैंकिंग के अनुसार, संस्थान की 58% फैकल्टी महिलाएं हैं, जो रैंकिंग में शामिल सभी भारतीय संस्थानों में सबसे अधिक है। इसके अलावा, 38% छात्राएं और बोर्ड में 29% महिलाओं की उपस्थिति लैंगिक समानता के प्रति संस्थान के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है। स्थिरता के क्षेत्र में, ESG और नेट-जीरो टीचिंग में संस्थान ने वैश्विक स्तर पर 62वां स्थान प्राप्त किया है।
| पैरामीटर | रैंकिंग/आंकड़ा (2026) |
|---|---|
| ग्लोबल रैंक (Overall) | 73rd |
| करियर प्रोग्रेस (Global) | 29th |
| रोजगार दर (3 महीने में) | 100% |
| महिला फैकल्टी | 58% |
| छात्र संतुष्टि स्कोर | 8.65/10 |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एनएमआईएमएस एसबीएम की ग्लोबल रैंकिंग में कितना सुधार हुआ है?
उत्तर: संस्थान 2024 की रैंकिंग में 94वें स्थान से बढ़कर 2026 में 73वें स्थान पर पहुंच गया है, यानी 21 पायदान का सुधार।
प्रश्न 2: करियर प्रोग्रेस के मामले में संस्थान का प्रदर्शन कैसा रहा?
उत्तर: करियर प्रोग्रेस के पैरामीटर पर एनएमआईएमएस एसबीएम ने दुनिया भर में 29वां स्थान हासिल किया है, जो इसकी एक बड़ी उपलब्धि है।