हिमाचल प्रदेश ने उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम के तहत 99.55% साक्षरता दर हासिल कर राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। राज्य ने अब 2026-27 तक शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य रखा है।

  • हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर बढ़कर 99.55% हुई, जिससे यह देश का दूसरा सबसे साक्षर राज्य बन गया है।
  • राज्य को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 2026-27 तक 100% साक्षरता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। नया भारत साक्षरता कार्यक्रम (ULLAS) के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से, राज्य ने अपनी साक्षरता दर को 99.55% तक पहुँचा दिया है। इस शानदार उपलब्धि के लिए दिल्ली में आयोजित एक समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण किया।

यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक प्रयास का परिणाम है। पिछले वर्ष 8 सितंबर 2025 को हिमाचल की साक्षरता दर 99.3% थी, जिसे अब और बेहतर कर 99.55% कर दिया गया है। वर्तमान में, गोवा 99.7% के साथ शीर्ष पर है, और हिमाचल अब उसके बेहद करीब पहुँच चुका है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है (Why This Matters)

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, हिमाचल की यह सफलता यह दर्शाती है कि भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामुदायिक भागीदारी हो, तो अंतिम छोर तक शिक्षा पहुँचाई जा सकती है। उल्लास कार्यक्रम ने न केवल बुनियादी साक्षरता पर ध्यान दिया, बल्कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को मुख्यधारा से जोड़ा है।

"साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं है, बल्कि यह सशक्तिकरण का वह साधन है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंडिया के सपने को हकीकत में बदलता है।"

इस अभियान की सफलता के पीछे एक विशाल नेटवर्क है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, ULLAS पोर्टल पर 94,930 शिक्षार्थियों को पंजीकृत किया गया है। साथ ही, 19,232 स्वयंसेवक शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर इस मिशन में अपना योगदान दिया है। यह मॉडल दिखाता है कि सरकारी तंत्र और नागरिक समाज के समन्वय से कैसे बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।

अब राज्य सरकार का ध्यान केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है। भविष्य की रणनीति में डिजिटल साक्षरता और व्यावसायिक कौशल (Vocational Skills) को शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि बुनियादी साक्षरता के बाद जीवनपर्यंत सीखने (Lifelong Learning) की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है ताकि लोग आधुनिक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बन सकें।

राज्यसाक्षरता दर (%)रैंक (राष्ट्रीय)
गोवा99.7%1
हिमाचल प्रदेश99.55%2
क्या आप जानते हैं?: उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन वयस्कों को शिक्षित करना है जो किन्हीं कारणों से औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: हिमाचल प्रदेश ने साक्षरता के लिए कौन सा कार्यक्रम चलाया?
उत्तर: हिमाचल प्रदेश ने 'नया भारत साक्षरता कार्यक्रम' (ULLAS) का कार्यान्वयन किया।

प्रश्न 2: हिमाचल का अगला लक्ष्य क्या है?
उत्तर: राज्य का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक 100% साक्षरता दर प्राप्त करना है।