PARAKH-NCERT की CEO इंद्राणी भादुरी ने पारंपरिक रटंत प्रणाली को छोड़कर छात्रों की समझ, विश्लेषण और तर्क क्षमता को परखने वाले मूल्यांकन अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश इंटरमीडिएट बोर्ड (BIEAP) द्वारा आईटीएमएस अपनाने की सराहना की।

  • पारंपरिक प्रश्न-पत्रों के बजाय योग्यता-आधारित मूल्यांकन (Competency-based Assessment) पर जोर।
  • NEP 2020 के विजन के अनुरूप मूल्यांकन प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता।
  • आंध्र प्रदेश इंटरमीडिएट बोर्ड (BIEAP) द्वारा ITMS के उपयोग की सराहना।
  • PARAKH टैक्सोनॉमी को समग्र विकास के लिए मुख्य ढांचे के रूप में अपनाने का सुझाव।

ताडेपल्ली में आंध्र प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड (BIEAP) के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, PARAKH-NCERT की CEO और प्रमुख प्रो. इंद्राणी भादुरी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की वकालत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब हमें प्रश्न-पत्र तैयार करने के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ना होगा।

प्रो. भादुरी के अनुसार, मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य केवल यह जानना नहीं होना चाहिए कि छात्र ने कितना याद किया है, बल्कि यह देखना होना चाहिए कि वह उस ज्ञान का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में कैसे करता है। उन्होंने ऐसे प्रश्नों के निर्माण पर जोर दिया जो छात्रों की समझ (Understanding), अनुप्रयोग (Application), विश्लेषण (Analysis) और तर्क क्षमता (Reasoning) का परीक्षण करें।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली लंबे समय से 'रटंत विद्या' (Rote Learning) के जाल में फंसी रही है। जब मूल्यांकन केवल याददाश्त पर आधारित होता है, तो छात्रों की आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) विकसित नहीं हो पाती। NEP 2020 के तहत योग्यता-आधारित मूल्यांकन की ओर बढ़ना भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अनिवार्य है।

"मूल्यांकन केवल ग्रेड देने का साधन नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का एक उपकरण होना चाहिए।"

प्रो. भादुरी ने BIEAP द्वारा अपनाए गए इंटीग्रेटेड टेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने इसे प्रौद्योगिकी-सक्षम, व्यवस्थित और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रियाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह डिजिटल परिवर्तन न केवल त्रुटियों को कम करेगा बल्कि मूल्यांकन की गति और सटीकता को भी बढ़ाएगा।

इसके साथ ही, उन्होंने PARAKH (Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development) टैक्सोनॉमी की भूमिका पर प्रकाश डाला। यह ढांचा शिक्षकों और बोर्डों को यह समझने में मदद करता है कि योग्यता-आधारित प्रश्न कैसे तैयार किए जाएं ताकि छात्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

अंत में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन सुधारों का सफल कार्यान्वयन केवल सरकारी आदेशों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्डों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के बीच सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।

पारंपरिक मूल्यांकन योग्यता-आधारित मूल्यांकन (NEP 2020)
तथ्यों को याद रखने पर केंद्रित अवधारणाओं की समझ और अनुप्रयोग पर केंद्रित
सीमित प्रश्न प्रारूप (MCQs/Short answers) विश्लेषणात्मक और तर्क-आधारित प्रश्न
अंकों और ग्रेड्स को प्राथमिकता कौशल विकास और समग्र प्रगति को प्राथमिकता
क्या आप जानते हैं?: PARAKH एक राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र है जिसका उद्देश्य पूरे भारत में मानक निर्धारित करना है ताकि विभिन्न बोर्डों के बीच मूल्यांकन में समानता रहे।

Frequently Asked Questions

1. योग्यता-आधारित मूल्यांकन क्या है?
यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें छात्र की केवल याददाश्त नहीं, बल्कि उसकी विषय को समझने, उसे लागू करने और विश्लेषण करने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है।

2. ITMS का शिक्षा में क्या लाभ है?
इंटीग्रेटेड टेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर उसे अधिक पारदर्शी, त्रुटिहीन और कुशल बनाता है।