विजडम इस्लामिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'प्रोफकॉन' सम्मेलन ने शिक्षण संस्थानों में बढ़ते नशे और सांस्कृतिक गिरावट पर गहरी चिंता जताई है। सम्मेलन में अभिभावकों और शिक्षकों से छात्रों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया।
- कैंपस में नशीली दवाओं और शराब के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ सतर्कता का आह्वान।
- AI के दौर में छात्रों को अश्लीलता और गलत विचारधाराओं से बचाने की आवश्यकता।
- केरल में पेशेवरों के पलायन को रोकने के लिए अधिक रोजगार के अवसरों की मांग।
पालक्काड के अहलिया कैंपस में आयोजित 30वें वैश्विक पेशेवर छात्र सम्मेलन 'प्रोफकॉन' (Profcon) ने आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों में व्याप्त गंभीर चुनौतियों पर चर्चा की। विजडम इस्लामिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन की राज्य समिति द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नशे की लत और नैतिक पतन से बचाना है।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शराब और ड्रग्स को बढ़ावा देने वाली विचारधाराएं युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थान प्रमुखों से अपील की कि वे केवल निगरानी न करें, बल्कि निवारक उपाय अपनाएं ताकि छात्र इन घातक प्रवृत्तियों का शिकार न हों।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the intersection of rapid technological advancement and moral decay is creating a volatile environment for Gen Z. When artificial intelligence transforms education, the risk of exposure to harmful content and obscenity increases, making a strong ethical framework more critical than ever before.
"शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण है; यदि कैंपस नशे और अश्लीलता के केंद्र बन जाते हैं, तो बौद्धिक विकास असंभव है।"
सम्मेलन में केवल सामाजिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक चुनौतियों पर भी बात की गई। प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि केरल में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं ताकि राज्य के प्रतिभाशाली पेशेवर विदेशों या अन्य राज्यों का रुख न करें। साथ ही, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विजडम इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के राज्य उपाध्यक्ष अबूबकर सालाफी ने किया। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में 'जेन जेड: क्रोध, प्रतिरोध और क्रांति' जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिसमें विधायक वी.टी. सूरज और एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श एम. साजी जैसे दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए।
शनिवार और रविवार को होने वाले सत्रों में उच्च शिक्षा मंत्री रोशी एम. जॉन और सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन सहित कई शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है, जो छात्रों के भविष्य और शैक्षणिक सुधारों पर रोडमैप तैयार करेंगे।
Frequently Asked Questions
1. प्रोफकॉन सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कैंपस में नशीली दवाओं के उपयोग को रोकना, सांस्कृतिक गिरावट को नियंत्रित करना और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षिक और रोजगार अवसर सुनिश्चित करना है।
2. सम्मेलन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई?
मुख्य चर्चा नशे के खिलाफ सतर्कता, AI के दौर में अश्लीलता का खतरा, और केरल से पेशेवरों के पलायन (Brain Drain) पर केंद्रित रही।