IIM तिरुचि ने अपने वार्षिक नेतृत्व सम्मेलन 'दक्ष 5.0' का आयोजन किया, जिसमें उद्योग जगत के दिग्गजों ने नैतिक नेतृत्व और दीर्घकालिक सफलता के महत्व पर विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में अनुसंधान स्टूडियो और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं के माध्यम से कॉर्पोरेट चुनौतियों का समाधान खोजने पर जोर दिया गया।
- IIM तिरुचि ने 'दक्ष 5.0' नेतृत्व सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
- सम्मेलन का मुख्य विषय 'बुनियादी बातों पर वापसी: नैतिक नेतृत्व का लंबा खेल' था।
- सम्मेलन में उद्योग जगत के विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया गया।
- डेटा और एआई के माध्यम से संगठनात्मक क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारतीय प्रबंधन संस्थान - तिरुचि (IIM-T) ने हाल ही में अपने वार्षिक नेतृत्व सम्मेलन, 'दक्ष 5.0' का एक विस्तारित संस्करण आयोजित किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार और शनिवार को संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य उद्योग जगत के नेताओं, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, डॉक्टरेट विद्वानों और छात्रों को एक साझा मंच प्रदान करना था।
सम्मेलन की शुरुआत 11 सितंबर को दक्ष रिसर्च स्टूडियो (DRS) के उद्घाटन के साथ हुई। इस नए मंच का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की खाई को पाटना और जटिल संगठनात्मक चुनौतियों का गहराई से विश्लेषण करना है। इसके बाद, 12 सितंबर को मुख्य सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका विषय "Back to Basics: The Long Game of Ethical Leadership" (बुनियादी बातों पर वापसी: नैतिक नेतृत्व का लंबा खेल) रखा गया था।
नेतृत्व और नैतिकता पर विशेषज्ञों के विचार
शनिवार को आयोजित मुख्य भाषण में, De Beers India के प्रबंध निदेशक मल्लिकाार्जुन रेड्डी ने संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि संचार, सामूहिक स्वामित्व और जिम्मेदार निर्णय लेना ही उन संगठनों के निर्माण की आधारशिला है जो लंबे समय तक टिके रह सकें।
दूसरी मुख्य वक्ता, SacredIP Trans Media Tech की निर्माता और आईपी मालिक नम्रता सिंह ने उद्यमिता के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने उद्देश्य के साथ समझौता करने वाली आकर्षक लेकिन अनैतिक अवसरों को 'ना' कहना सीखा।
नैतिक नेतृत्व केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों पर अडिग रहना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आधुनिक कॉर्पोरेट जगत में, जहाँ अल्पकालिक लाभ की होड़ मची है, IIM-T जैसे संस्थानों द्वारा 'नैतिकता' पर ध्यान केंद्रित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल छात्रों को बेहतर प्रबंधक बनाता है, बल्कि भविष्य के स्थायी व्यापार मॉडल की नींव भी रखता है।
शुक्रवार को, Chennai Petroleum Corporation Ltd. के वित्त निदेशक रोहित कुमार अग्रवाल ने DRS का उद्घाटन किया। उन्होंने उल्लेख किया कि डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से संगठनात्मक क्षमताओं का व्यापक दृष्टिकोण अपनाने से नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
IIM तिरुचि (IIM-T) भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक है, जो निरंतर नवाचार और नेतृत्व विकास के लिए जाना जाता है। 'दक्ष' सम्मेलन इसकी एक महत्वपूर्ण वार्षिक पहल है जो अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक उद्योग अनुभव के साथ जोड़ती है।
Frequently Asked Questions
1. दक्ष 5.0 का मुख्य विषय क्या था?
इसका मुख्य विषय 'Back to Basics: The Long Game of Ethical Leadership' था।
2. दक्ष रिसर्च स्टूडियो (DRS) का उद्देश्य क्या है?
यह उद्योग और शिक्षा जगत को एक साथ लाकर संगठनात्मक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए बनाया गया है।