मदुरै के लेडी डोक कॉलेज ने DST-FIST और DST-CURIE के सहयोग से गैर-शिक्षण कर्मचारियों और शोधकर्ताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों के संचालन और रखरखाव में दक्षता बढ़ाना था।
- लेडी डोक कॉलेज ने DST-FIST और DST-CURIE के तहत उन्नत प्रयोगशाला उपकरणों पर प्रशिक्षण आयोजित किया।
- 14 विभिन्न कॉलेजों के 64 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें गैर-शिक्षण कर्मचारी और शोधार्थी शामिल थे।
- FT-IR, HPLC और AFM जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के व्यावहारिक संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया।
- प्रतिभागियों को भविष्य के संदर्भ के लिए एक विस्तृत तकनीकी मैनुअल प्रदान किया गया।
मदुरै स्थित लेडी डोक कॉलेज के साइंस इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर (SIC) और अनुसंधान एवं विकास सेल ने शनिवार को उन्नत प्रयोगशाला उपकरणों पर एक महत्वपूर्ण 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा प्रायोजित था, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में तकनीकी कौशल को मजबूत करना है।
यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था जिसे विशेष रूप से गैर-शिक्षण कर्मचारियों, स्नातकोत्तर छात्रों और अनुसंधान विद्वानों के लिए डिजाइन किया गया था। कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों के संचालन, रखरखाव, डेटा व्याख्या और समस्या निवारण (troubleshooting) में उनकी व्यावहारिक क्षमताओं को बढ़ाना था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के कार्यशालाएं केवल व्यक्तिगत कौशल विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत हैं। जब लैब स्टाफ और शोधकर्ता इन महंगे उपकरणों को सही ढंग से चलाना और उनका रखरखाव करना सीखते हैं, तो इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि उपकरणों की उम्र भी बढ़ती है और महंगी मरम्मत का खर्च कम होता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज की प्रिंसिपल और सचिव आर. बेउला जेयाश्री ने किया, जबकि अकादमिक मामलों (विज्ञान) की डीन और SIC समन्वयक ए. एस. प्रिसिला ने स्वागत भाषण दिया। उद्घाटन सत्र के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षण और अनुसंधान के लिए आधुनिक सुविधाओं का प्रभावी उपयोग समय की मांग है।
"उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों का सही ज्ञान ही सैद्धांतिक अनुसंधान को व्यावहारिक नवाचार में बदलने की कुंजी है।"
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने UGC, CPE, DST-FIST और DST-CURIE द्वारा समर्थित कई अत्याधुनिक उपकरणों का अनुभव किया। इनमें शामिल थे:
| उपकरण का नाम | मुख्य उपयोग |
|---|---|
| FT-IR | आणविक संरचना और कार्यात्मक समूहों की पहचान |
| HPLC | मिश्रणों के घटकों का पृथक्करण और विश्लेषण |
| AFM | सतह की नैनो-स्केल इमेजिंग और विश्लेषण |
| UV-Visible Spectrophotometer | पदार्थों द्वारा प्रकाश अवशोषण का मापन |
इस पहल के तहत, 'उन्नत विश्लेषणात्मक इंस्ट्रूमेंटेशन' पर एक तकनीकी मैनुअल भी जारी किया गया। यह मैनुअल प्रतिभागियों के लिए एक गाइड के रूप में कार्य करेगा, जिससे वे अपने संबंधित संस्थानों में वापस जाकर इन प्रक्रियाओं को लागू कर सकेंगे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य गैर-शिक्षण कर्मचारियों और शोधकर्ताओं को उन्नत लैब उपकरणों के संचालन, रखरखाव और डेटा विश्लेषण में कुशल बनाना था।
प्रश्न 2: कार्यशाला में किन उपकरणों का प्रशिक्षण दिया गया?
उत्तर: प्रशिक्षण में FT-IR, HPLC, HPTLC, AFM, UV-Visible Spectrophotometer और Spectrofluorometer जैसे उपकरणों को शामिल किया गया था।