उत्तराखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न का मासिक वजीफा 17 हज़ार रुपये से बढ़ाकर 25 हज़ार रुपये कर दिया है, जिससे मेडिकल प्रशिक्षुओं को वित्तीय राहत मिली है।

  • उत्तराखंड सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न का मासिक वजीफा 25 हज़ार रुपये कर दिया है।
  • पहले यह वजीफा 17 हज़ार रुपये था, जिसे राज्य कैबिनेट ने बढ़ाया।
  • राज्य में पाँच सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं जहाँ एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट कोर्स चलते हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न का मासिक वजीफा 25 हज़ार रुपये करने का फैसला किया गया। यह घोषणा राज्य सूचना निदेशक बंशिधर तिवारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद की।

सिर्फ़ पाँच सरकारी मेडिकल कॉलेज—स्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा—में एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। बढ़ा हुआ वजीफा इंटर्नों के जीवन स्तर को सुधारने और अधिक छात्रों को राज्य में मेडिकल शिक्षा की ओर आकर्षित करने की उम्मीद है।

यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?

उच्च वेतन से इंटर्नों को वित्तीय तनाव कम होगा, जिससे वे अपने क्लिनिकल प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान दे सकेंगे और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह कदम उत्तराखंड के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और अन्य राज्यों के लिए मानक स्थापित कर सकता है।

"यह फैसला न केवल एमबीबीएस इंटर्न के लिए बल्कि पूरे मेडिकल शिक्षा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है।" – स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ
Did You Know?: उत्तराखंड के पाँच सरकारी मेडिकल कॉलेज पोस्टग्रेजुएट कोर्स भी प्रदान करते हैं, जिससे विशेषज्ञ प्रशिक्षण के अवसर बढ़ते हैं।

Frequently Asked Questions

  • उत्तराखंड में एमबीबीएस इंटर्न का नया मासिक वजीफा कितना है?
  • राज्य में कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं?