लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने NEET UG 2026 में अखिल भारतीय रैंक 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उनकी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें देश के छात्रों के लिए प्रेरणा बताया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर NEET UG 2026 में AIR 1 हासिल की।
- अरविंद केजरीवाल ने आर्यन को पंजाब का गौरव और देश के लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बताया।
- आर्यन का लक्ष्य AIIMS दिल्ली से चिकित्सा की पढ़ाई करना और एक ऑन्कोलॉजिस्ट बनना है।
- NTA के अनुसार, इस वर्ष लगभग 20 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 के परिणामों ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, जिसमें पंजाब के लुधियाना से ताल्लुक रखने वाले आर्यन गुप्ता ने अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अखिल भारतीय रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आर्यन ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर 99.9999 पर्सेंटाइल का शानदार स्कोर बनाया है।
अरविंद केजरीवाल की सराहना
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आर्यन की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। केजरीवाल ने लिखा, "NEET-UG परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए आर्यन को बहुत-बहुत बधाई। आपने पंजाब का मान बढ़ाया है। आप पूरे भारत के लाखों छात्रों के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं।" केजरीवाल ने उन छात्रों को भी प्रोत्साहित किया जो इस बार सफल नहीं हो सके, उन्हें भविष्य में और अधिक मजबूती से वापसी करने के लिए प्रेरित किया।
सफलता का मंत्र: अनुशासन और परिवार का साथ
अपनी सफलता के पीछे का श्रेय देते हुए आर्यन गुप्ता ने निरंतर कड़ी मेहनत, अनुशासन और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को मुख्य कारण बताया। आर्यन ने भविष्य के उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने शिक्षकों के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अपने परिवार के योगदान को रेखांकित किया। आर्यन के पिता, डॉ. सचिन गुप्ता (एनेस्थेटिस्ट) और माता, डॉ. रीनू गुप्ता (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने बताया कि एक डॉक्टर परिवार होने के नाते, उन्होंने हमेशा बच्चों को एक सहायक वातावरण प्रदान किया। आर्यन के बड़े भाई, जो स्वयं एक सफल मेडिकल छात्र हैं, उनके लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे हैं।
भविष्य की राह और परीक्षा का महत्व
आर्यन का लक्ष्य AIIMS दिल्ली में प्रवेश लेना और एक कुशल ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) बनना है। यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन लाखों छात्रों के लिए एक मील का पत्थर है जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 20 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार विभिन्न चिकित्सा और संबद्ध पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए योग्य पाए गए।