महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में पेपर लीक और मूल्यांकन में धांधली के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। अब अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी CJP ने छात्रों के समर्थन में उतरकर आयोग के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।

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  • MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में पेपर लीक के कारण 7 लोग गिरफ्तार।
  • छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है।
  • अभिजीत दिपके की CJP ने 24 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है।
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग प्रमुख है।

महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और मूल्यांकन में भारी अनियमितताओं के कारण लाखों अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। पुणे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में हुए प्रदर्शनों के बाद, अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस लड़ाई में शामिल होने का ऐलान किया है।

विवाद की जड़: क्या हुआ था वास्तव में?

इस पूरे विवाद के पीछे दो मुख्य कारण हैं जिन्होंने छात्रों के धैर्य की सीमा को पार कर दिया है। पहला मामला मार्च में आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर (Group-B) परीक्षा का है, जहाँ परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें आयोग के ही अंडर-सेक्रेटरी अभिजीत लेंडवे सहित सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। छात्रों का आरोप है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो सिस्टम पर भरोसा कैसे किया जाए?

दूसरा बड़ा मुद्दा 'डिस्क्रिप्टिव आंसर शीट्स' के मूल्यांकन का है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 और कृषि सेवा परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग में भारी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। मेधावी छात्रों का कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक साख का है। यदि सरकारी आयोगों के भीतर बैठे अधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो यह भविष्य की सभी नियुक्तियों की वैधता पर सवाल खड़ा करता है। यह आंदोलन राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता के दावों की कड़ी परीक्षा ले रहा है।

"जब आयोग के भीतर से ही भ्रष्टाचार की खबरें आती हैं, तो यह छात्रों के भविष्य के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ है।"

छात्रों की मुख्य मांगें

मांग संख्याप्रमुख मांगउद्देश्य
1अध्यक्ष व सचिव का इस्तीफापारदर्शी नेतृत्व सुनिश्चित करना
2जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनाभ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई जानना
3फॉरेंसिक ऑडिटपिछली सभी परीक्षाओं की शुद्धता जांचना
4सुरक्षित परीक्षा प्रणालीभविष्य में पेपर लीक रोकना

अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 सितंबर 2026 तक आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार और सचिव का इस्तीफा नहीं आता है, तो CJP राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। वर्तमान में, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसे राजनीतिक दल भी छात्रों के रुख के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं, जिससे सत्ताधारी महायुति सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

Did You Know?: MPSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए हाल ही में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, लेकिन छात्र इसे केवल एक 'टालने की रणनीति' मान रहे हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: MPSC पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
A1: मुंबई क्राइम ब्रांच ने अंडर-सेक्रेटरी अभिजीत लेंडवे सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Q2: छात्र मुख्य रूप से क्या मांग कर रहे हैं?
A2: छात्र आयोग के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे और पिछली परीक्षाओं के स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट की मांग कर रहे हैं।