बिहार के कटिहार जिले में भीषण बाढ़ के बीच एक शिक्षक ने शिक्षा की मशाल को जलाए रखने के लिए नाव को ही कक्षा में बदल दिया है। डूबे हुए घरों और स्कूलों के बीच, मोहम्मद साहेब बच्चों को नाव पर बुलाकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
- बिहार के कटिहार जिले के रघुनाथपुर गांव में बाढ़ के कारण स्कूल और सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं।
- शिक्षक मोहम्मद साहेब ने बच्चों की शिक्षा को बाधित होने से बचाने के लिए नाव पर कोचिंग क्लास शुरू की है।
- यह पहल बच्चों के कौशल विकास और भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है।
बिहार के कटिहार जिले में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के सात ब्लॉक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग 9.4 लाख लोगों का जीवन संकट में है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में, जहाँ घर, सड़कें और स्कूल पानी में डूबे हुए हैं, अमदाबाद ब्लॉक के एक शिक्षक ने शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण का परिचय दिया है।
रघुनाथपुर गांव में रहने वाले शिक्षक मोहम्मद साहेब ने एक असाधारण समाधान निकाला है। जब पारंपरिक स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी के नीचे दब गए, तो उन्होंने एक नाव को ही अपनी कक्षा बना लिया। वे नाव को डूबे हुए स्कूल के पास लंगर डालकर बच्चों को पढ़ाने के लिए उपयोग कर रहे हैं, ताकि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि आपदा के समय शिक्षा का अभाव बच्चों के दीर्घकालिक विकास को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है। मोहम्मद साहेब का यह कदम केवल एक वैकल्पिक शिक्षण पद्धति नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का एक संघर्ष है कि प्राकृतिक आपदा बच्चों के भविष्य की नींव को न हिला सके।
शिक्षा केवल दीवारों के भीतर नहीं होती, बल्कि सीखने की इच्छाशक्ति में होती है।
मोहम्मद साहेब ने बताया कि वे स्वयं छात्रों को नाव तक लाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास करते हैं। अभिभावकों की सहमति के बाद, वे बच्चों को लगभग डेढ़ घंटे की कक्षा देते हैं। उनके अनुसार, पानी का स्तर कम होने और आसपास का माहौल शांत होने के कारण नाव पर पढ़ाई करना सुरक्षित है।
छात्रों के बीच भी इस अनोखी व्यवस्था को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कक्षा 5 के छात्र सत्यम और कक्षा 6 की छात्रा अन्नू ने बताया कि उन्हें नाव पर बैठकर पढ़ने में कोई डर नहीं लगता। उनके लिए, बाढ़ के इस माहौल में भी सीखना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बिहार का यह क्षेत्र प्रतिवर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है। कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे का विनाश एक आम समस्या है, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होती हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मोहम्मद साहेब नाव पर कक्षाएं क्यों चलाते हैं?
उत्तर: बाढ़ के कारण स्कूल और कोचिंग सेंटर डूब जाने के कारण, वे बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के लिए यह प्रयास कर रहे हैं।
प्रश्न 2: क्या बच्चे नाव पर पढ़ाई करने में सुरक्षित महसूस करते हैं?
उत्तर: हाँ, शिक्षक और अभिभावकों के अनुसार, पानी का स्तर कम होने और सावधानी बरतने के कारण बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं।