आंध्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के अवसर पर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और इंजीनियरिंग के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया गया।

  • आंध्र विश्वविद्यालय में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
  • कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने टिकाऊ और समाज सेवा करने वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया।
  • ACCESS-2K26 संगोष्ठी के दौरान इंजीनियरिंग को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया गया।

विशाखापटनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ विश्वविद्यालय के अधिकारियों और छात्रों ने उनके महान योगदान को याद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने विश्वविद्यालय के इंजीनियर कार्यालय में स्थित विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। अपने संबोधन में, उन्होंने विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कर्मियों से समाज की सेवा करने वाले टिकाऊ और मजबूत संरचनाओं के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों को विश्वेश्वरैया के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ नैतिकता का पालन करना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के आयोजन केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये भावी इंजीनियरों में पेशेवर नैतिकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित ACCESS-2K26 संगोष्ठी के दौरान, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई के पूर्व प्रधान मुख्य अभियंता के. धनंजय राव ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इंजीनियरिंग किस प्रकार राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने भारतीय रेलवे की प्रमुख परियोजनाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे लाइनों के निर्माण में इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के महत्व को भी रेखांकित किया।

इंजीनियरिंग केवल संरचनाओं का निर्माण नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और उच्च मूल्यों के माध्यम से समाज को आकार देने की कला है।

इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल के. वेंकट सुब्बाराया ने छात्रों को विश्वेश्वरैया के 'सादा जीवन, उच्च विचार' के सिद्धांत को अपनाने की सलाह दी। वहीं, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख सी.एन.वी. सत्यनारायण रेड्डी ने समय की पाबंदी, ईमानदारी और समर्पण जैसे गुणों को अपनाने पर बल दिया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में इंजीनियर्स डे हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान इंजीनियर और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

Did You Know?: सर एम. विश्वेश्वरैया को उनके उत्कृष्ट इंजीनियरिंग कार्यों के लिए 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत में इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: यह महान इंजीनियर सर एम. विश्वेश्वरैया के सम्मान में उनकी जयंती पर मनाया जाता है।

प्रश्न 2: आंध्र विश्वविद्यालय में इस वर्ष का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: इस वर्ष का मुख्य ध्यान राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरिंग की भूमिका और पेशेवर नैतिकता पर था।