केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतहीसन ने 88 वर्षा आयु में निधन हो गई स. जानकी को नमन किया, यह कहा कि उनका योगदान भारतीय फ़िल्म संगीत से परे 'दक्षिण भारत की नाइटिंगेल' से भी आगे था। विरोधी नेता पिनरायी विजयन ने भी उनके संगीत की शाश्वत विरासत को उजागर किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • स. जानकी का 11 जुलाई 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन।
  • केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतहीसन ने उनकी आवाज़ को पीढ़ियों को मोहित करने वाला कहा।
  • विपक्षी नेता पिनरायी विजयन ने उनके संगीत को भारतीय सिनेमा का एक युग मानते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

स. जानकी, जिनका निधन शनिवार, 11 जुलाई 2026 को 88 वर्ष की आयु में हुआ, भारतीय प्ले‑बैक सिंगर के रूप में एक अविस्मरणीय शख़्सियत थीं। उनके निधन की खबर पूरे भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर लेकर आई, विशेषकर दक्षिण भारत में जहाँ उन्हें 'दक्षिण भारत की नाइटिंगेल' के रूप में जाना जाता था।

मुख्यमंत्री का शोक संदेश

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतहीसन ने एक आधिकारिक संदेश में कहा, “स. जानकी ने भारतीय फ़िल्म संगीत को वह मिठास दी, जो छह दशकों से अधिक समय तक सुनने वालों के दिलों को छूती रही। जबकि मलयालम उनकी मातृभाषा नहीं थी, उनके द्वारा गाए गए गीतों की स्पष्ट उच्चारण और भावनात्मक गहराई ने हर केरलवासी के दिल में एक विशेष जगह बनाई है।” उन्होंने कहा कि जानकी केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि केरल के कई परिवारों के लिए एक अभिन्न सदस्य बन गईं।

विपक्षी नेता की श्रद्धांजलि

विपक्षी दल के प्रमुख पिनरायी विजयन ने ट्विटर (X) पर लिखा, “स. जानकी का निधन भारतीय सिनेमा और संगीत के एक अद्भुत युग के अंत को चिह्नित करता है। वह किसी अन्य राज्य से आई हों, पर उनका स्वर हर मलयाली दिल में घर बना गया। उनके गीतों ने हमारी गहरी भावनाओं को अभिव्यक्त किया और हमारी यादों तथा जीवन का हिस्सा बन गया।” विजयन ने कहा कि उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों में गूंजता रहेगा।

स. जानकी का संगीत सफ़र

स. जानकी ने अपने करियर में 2,500 से अधिक फिल्मों में 20,000 से अधिक गीत गाए, पाँच भाषाओं में—तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिन्दी—में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरते हुए। 1970 के दशक से लेकर 2000 के दशक तक, उन्होंने कई राष्ट्रीय पुरस्कार और राज्य सम्मान अर्जित किए। उनके गीत अक्सर सामाजिक मुद्दों, प्रेम, और आध्यात्मिकता को छूते थे, जिससे वह सभी वर्गों में समान रूप से प्रिय बन गईं।

केरल में उनका स्थायी प्रभाव

केरल में स. जानकी के गीतों को अक्सर पारिवारिक समारोहों, धार्मिक उत्सवों और रोज़मर्रा की जीवनशैली में सुनाया जाता है। उनके संगीत ने कई युवा गायक-गायिकाओं को प्रेरित किया और मलयालम फिल्म संगीत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन एक बड़ी शून्य छोड़ता है, पर उनका स्वर भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।