श्री रामलीला महासंघ ने रणबीर कपूर अभिनीत नई फिल्म “रामायण” के निर्माताओं को एक विशेष प्रीव्यू की मांग की है। यदि यह नहीं मिला तो भारत भर में सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे, जैसा कि पहले “आडिपुरुष” में हुआ था।
मुख्य बिंदु
- रामलीला महासंघ ने विशेष प्रीव्यू की मांग की।
- यदि नहीं मिला तो फिल्म के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- फिल्म की कहानी, सेट और पोशाक को लेकर पहले भी विवाद रहा।
श्री रामलीला महासंघ ने रणबीर कपूर अभिनीत नई फिल्म “रामायण” के निर्माताओं को औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने फिल्म रिलीज़ से पहले एक विशेष स्क्रीनिंग की माँग की है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि यदि यह अनुरोध पूरा नहीं हुआ तो भारत के विभिन्न सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
यह मांग पिछले बड़े विवाद “आडिपुरुष” से प्रेरित है, जहाँ टाइटल, सेट और पोशाक को लेकर सनातन समुदाय के कई समूहों ने असंतोष जताया था। विशेष रूप से लंका के काले रंग के उपयोग और रावण के चित्रण को पारंपरिक मान्यताओं के विपरीत माना गया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such religious sensitivities can significantly impact a film's box‑office performance, as seen with “आडिपुरुष”. यदि “रामायण” को समान विरोध का सामना करना पड़ा तो यह बड़े बजट वाले प्रोजेक्ट की कमाई को प्रभावित कर सकता है।
“धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले दृश्यों को हटाना ही फिल्म की सफलता की कुंजी है,” कहा फिल्म विशेषज्ञ डॉ. रवीश कुमार ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या “रामायण” की स्क्रीनिंग में कोई विशेष परिवर्तन किए जाएंगे?
उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, पर महासंघ की मांगों को ध्यान में रखकर संशोधन संभव है।
प्रश्न 2: यदि विरोध जारी रहा तो फिल्म की बॉक्स ऑफिस कमाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: इतिहास में दिखा है कि बड़े पैमाने पर विरोध से टिकट बिक्री घट सकती है, जिससे कुल कमाई पर नकारात्मक असर पड़ता है।