वरिष्ठ पत्रकार सीमा चिश्टी ने चेतावनी दी है कि भारतीय मीडिया एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहाँ बड़े मीडिया घरानों के बजाय स्वतंत्र मीडिया की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

मुख्य बातें

  • भारतीय मीडिया वर्तमान में एक गंभीर संकट और परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
  • बड़े मीडिया हाउसों में प्रोपेगेंडा और 'एरर 404 जर्नलिज्म' का चलन बढ़ा है।
  • लोकतंत्र की रक्षा के लिए छोटे और स्वतंत्र मीडिया घरानों का सहयोग अनिवार्य है।

त्रिवेंद्रम प्रेस क्लब में आयोजित 25वें एन. नरेंद्रन मेमोरियल लेक्चर के दौरान, द वायर (The Wire) की संपादक और वरिष्ठ पत्रकार सीमा चिश्टी ने भारतीय मीडिया परिदृश्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की। 'मीडिया बियॉन्ड जंतर मंतर' विषय पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय मीडिया एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।

चिश्टी ने बड़े मीडिया घरानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अक्सर छोटी और महत्वपूर्ण आवाजों को सुनने से कतराते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पोस्ट-2014 के दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे बड़े मीडिया संस्थानों में प्रोपेगेंडा और 'एरर 404 जर्नलिज्म' का उदय हुआ है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ पुरानी और आलोचनात्मक खबरों को जानबूझकर डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाता है ताकि एक विशिष्ट नैरेटिव बनाया जा सके।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सूचना की शुद्धता ही लोकतंत्र की आधारशिला है। जब मुख्यधारा का मीडिया सूचनाओं को फिल्टर करने या हटाने लगता है, तो जनता तक केवल एकतरफा जानकारी पहुँचती है। चिश्टी के अनुसार, 'अच्छी जानकारी' को बचाना ही आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है।

लोकतंत्र के अस्तित्व के लिए 'अच्छी जानकारी' को बचाना ही आज का सबसे बड़ा संघर्ष है।

उन्होंने छोटे और स्वतंत्र मीडिया आउटलेट्स को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि 'खंडित' मीडिया को आपसी सहयोग और संयुक्त जांच (Joint Investigations) के माध्यम से अपनी शक्ति बढ़ानी चाहिए। चिश्टी ने जोर देकर कहा कि भविष्य में तकनीक का सही उपयोग ही पत्रकारिता में वास्तविक बदलाव ला सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

एन. नरेंद्रन मेमोरियल लेक्चर एक प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम है जो पत्रकारिता की विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है। यह सत्र पत्रकारिता की स्वतंत्रता और बदलते वैश्विक मीडिया परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

क्या आप जानते हैं?: 'एरर 404 जर्नलिज्म' शब्द का प्रयोग उन स्थितियों के लिए किया जाता है जहाँ डिजिटल युग में सूचनाओं को गायब कर दिया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 'एरर 404 जर्नलिज्म' क्या है?
यह एक रूपक है जिसका अर्थ है महत्वपूर्ण या आलोचनात्मक समाचारों को इंटरनेट से जानबूझकर हटा देना ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

2. सीमा चिश्टी ने स्वतंत्र मीडिया के बारे में क्या सलाह दी?
उन्होंने छोटे मीडिया संस्थानों को आपस में सहयोग करने और संयुक्त जांच करने की सलाह दी ताकि वे बड़े मीडिया घरानों का मुकाबला कर सकें।