300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिग्गज अभिनेता तेज सप्रू ने बॉलीवुड की वर्तमान कास्टिंग प्रक्रिया पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अनुभवी कलाकारों को नए कास्टिंग निर्देशकों के सामने ऑडिशन देने के लिए कहना अपमानजनक है।

मुख्य बातें

  • दिग्गज अभिनेता तेज सप्रू ने वर्तमान कास्टिंग प्रणाली की आलोचना की है।
  • उन्होंने कहा कि अनुभवी कलाकारों को नए कास्टिंग निर्देशकों द्वारा ऑडिशन के लिए बुलाना अपमानजनक है।
  • सप्रू के अनुसार, कास्टिंग निर्देशकों को किसी भी कलाकार को बुलाने से पहले उनका इतिहास जानना चाहिए।
  • उन्होंने पारंपरिक कास्टिंग पद्धति और आधुनिक पश्चिमी पद्धति के बीच अंतर को रेखांकित किया।

बॉलीवुड के अनुभवी अभिनेता तेज सप्रू, जिन्होंने चार दशकों से अधिक के करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है, ने फिल्म उद्योग में वरिष्ठ कलाकारों के साथ होने वाले व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हाल ही में एक साक्षात्कार में, सप्रू ने कहा कि आज की कास्टिंग प्रक्रिया में अनुभवी कलाकारों को जिस तरह से देखा जा रहा है, वह उनके सम्मान के खिलाफ है।

सप्रू, जिन्होंने तेजाब, त्रिदेव, मोहरा और गुप्त जैसी प्रतिष्ठित फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, ने स्पष्ट किया कि उन्हें 'लुक टेस्ट' से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब नए और कम अनुभवी कास्टिंग निर्देशक दशकों के अनुभव वाले कलाकारों को ऑडिशन देने के लिए बुलाते हैं, तो यह बेहद अपमानजनक लगता है। उन्होंने कहा, "कम से कम मेरा बैकग्राउंड तो देख लें, इससे पहले कि मुझे ऑडिशन के लिए बुलाएं।"

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बॉलीवुड में कास्टिंग की शक्ति का हस्तांतरण अब निर्देशकों और निर्माताओं से हटकर कास्टिंग निर्देशकों के पास चला गया है। यह बदलाव न केवल उद्योग की कार्यप्रणाली को बदल रहा है, बल्कि स्थापित प्रतिभाओं और नए पेशेवरों के बीच एक वैचारिक संघर्ष भी पैदा कर रहा है।

"अगर आप एक कास्टिंग डायरेक्टर हैं, तो किसी भी कलाकार को बुलाने से पहले उनके पूरे इतिहास का अध्ययन करें।" - तेज सप्रू

सप्रू ने इस बात पर जोर दिया कि पहले निर्माता, निर्देशक और लेखक मिलकर कलाकारों का चयन करते थे, जिससे यह सुनिश्चित होता था कि कलाकार की क्षमता और अनुभव का सम्मान किया जाए। आज, यह प्रक्रिया अक्सर पश्चिमी शैली से प्रेरित है, जहाँ 'रूकी' (नए) कास्टिंग एग्जीक्यूटिव्स निर्णय लेते हैं जो अक्सर कलाकार के योगदान को समझने में विफल रहते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तेज सप्रू, दिग्गज अभिनेता डीके सप्रू के पुत्र हैं। उन्होंने 1979 में फिल्म 'सुरक्षा' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने न केवल हिंदी बल्कि 13 अलग-अलग भाषाओं में काम करके एक अद्वितीय मील का पत्थर स्थापित किया है।

क्या आप जानते हैं?: तेज सप्रू भारत के उन दुर्लभ अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने 13 विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों में अभिनय किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: तेज सप्रू ने कास्टिंग प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि अनुभवी कलाकारों को नए कास्टिंग निर्देशकों द्वारा ऑडिशन देने के लिए कहना अपमानजनक है और कास्टिंग निर्देशकों को कलाकारों के अनुभव का सम्मान करना चाहिए।

प्रश्न 2: तेज सप्रू ने किन प्रमुख फिल्मों में काम किया है?
उत्तर: उन्होंने तेजाब, त्रिदेव, मोहरा, गुप्त और हाल ही में 'किसी का भाई किसी की जान' जैसी फिल्मों में काम किया है।