फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने मुंबई के फिल्म और टीवी सेटों पर मिलने वाले अस्वास्थ्यकर और बासी भोजन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संस्था ने महाराष्ट्र FDA से शूटिंग लोकेशन्स पर अचानक छापेमारी करने की मांग की है।

मुख्य बातें

  • FWICE ने मुंबई के फिल्म सेटों पर भोजन की खराब गुणवत्ता और स्वच्छता की कमी की शिकायत की है।
  • संस्था ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंधे से अचानक निरीक्षण करने की मांग की है।
  • श्रमिकों को धूल, गर्मी और बारिश के बीच खुले में बैठकर खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
  • शिकायत में भोजन को 'बासी, घटिया और पोषण की कमी वाला' बताया गया है।

मुंबई के फिल्म और टेलीविजन उद्योग में काम करने वाले हजारों तकनीशियनों और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) को एक औपचारिक पत्र लिखकर मुंबई के विभिन्न शूटिंग लोकेशन्स, विशेष रूप से गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी में अचानक छापेमारी करने की मांग की है।

FWICE के महासचिव अशोक दुबे ने पत्र में लिखा कि कई फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट निर्माताओं द्वारा परोसा जाने वाला भोजन अत्यंत घटिया और अस्वच्छ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शूटिंग के दौरान दिए जाने वाले भोजन में अक्सर पोषण की कमी होती है और वह बासी होता है, जिससे कामगारों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मनोरंजन उद्योग की चकाचौंध के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है। जहाँ करोड़ों के बजट वाली फिल्में बनाई जा रही हैं, वहीं उनके पीछे की रीढ़ कहे जाने वाले तकनीशियन बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भोजन की गुणवत्ता केवल स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि यह उन श्रमिकों की कार्यक्षमता और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है जो घंटों तक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।

फिल्म सेटों पर काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन प्रदान करना उनका बुनियादी अधिकार है, न कि कोई विलासिता।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि शूटिंग स्थलों पर कोई निर्धारित भोजन क्षेत्र (Dining Area) नहीं है। श्रमिकों को धूल, गर्मी और बारिश के बीच खुले में बैठकर भोजन करने के लिए मजबूर किया जाता है। साथ ही, स्वच्छ पेयजल और उचित स्वच्छता सुविधाओं का भी भारी अभाव है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय फिल्म उद्योग में श्रम अधिकारों और कार्य स्थितियों को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। पहले भी भुगतान संबंधी विवादों और काम के लंबे घंटों को लेकर आवाज उठाई गई है, लेकिन भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकता पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

क्या आप जानते हैं?: फिल्म सिटी, मुंबई, दुनिया के सबसे बड़े फिल्म निर्माण केंद्रों में से एक है, जहाँ हजारों लोग प्रतिदिन काम करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. FWICE ने FDA से क्या मांग की है?
FWICE ने मांग की है कि FDA मुंबई के फिल्म सेटों पर भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए अचानक निरीक्षण करे।

2. श्रमिकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
श्रमिकों को बासी भोजन, पोषण की कमी, पीने के साफ पानी का अभाव और खुले में बैठकर खाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।