अनुपमा परमारेश्वरन ने अपने पिछले रिश्ते में नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग और करियर पर दबाव का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एंगेजमेंट को कई बार टालने का कारण व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा थी।
मुख्य बिंदु
- अनुपमा ने ध्रुव विक्रम के साथ संबंध को टॉक्सिक बताया
- एंगेजमेंट कई बार टाला गया क्योंकि वह प्रेम नहीं महसूस करती थीं
- नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग ने उनके करियर को प्रभावित किया
टॉक्सिक रिश्ते का खुलासा
अभिनेत्री अनुपमा परमारेश्वरन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में ध्रुव विक्रम के साथ अपने असफल रिश्ते के बारे में खुलकर कहा। उन्होंने बताया कि रिश्ते के पहले तीन महीनों में ही उनके साथी ने एंगेजमेंट की बात शुरू कर दी, जिसे अनुपमा ने कई बार टाला।
अनुपमा ने कहा, “मैंने कई बार एंगेजमेंट को टाला क्योंकि मुझे लगा कि यह प्यार नहीं, बल्कि मेरे करियर को रोकने की कोशिश है।” यह बयान ध्रुव विक्रम के साथ अफवाहों को और अधिक तर्कसंगत बना देता है।
नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग और करियर पर असर
साक्षात्कार में अनुपमा ने बताया कि अपने पूर्व साथी ने दो साल तक उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर तौर पर नियंत्रित किया। उन्होंने “नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग” की शब्दावली का उपयोग किया, जिससे उनके कई प्रोजेक्ट्स रद्द हो गए और करियर में बाधा आई।
“वह मेरे जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करता था, यहाँ तक कि मेरे बड़े प्रोजेक्ट ‘ड्रैगन (2025)’ को भी नहीं चलाने दिया,” उन्होंने खुलकर कहा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि टॉक्सिक रिश्ते और नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग का प्रभाव न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग के कार्यस्थल पर भी गहरा पड़ता है। यह खुलासे जागरूकता बढ़ाते हैं और अन्य कलाकारों को समान स्थितियों में मदद कर सकते हैं।
“नार्सिसिस्टिक दुरुपयोग अक्सर पीड़ित की आत्म-छवि को ध्वस्त कर देता है, जिससे करियर में बाधा आती है,” says Dr. Meera Nair, a clinical psychologist.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या अनुपमा ने ध्रुव विक्रम को नामांकित किया?
A: उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं।
Q2: इस रिश्ते का उनके करियर पर क्या प्रभाव पड़ा?
A: कई प्रोजेक्ट रद्द हुए और उनका पेशेवर मनोबल प्रभावित हुआ।