वेब सीरीज 'राख' में खौफनाक विलेन 'बाबू' का किरदार निभाने वाले आकाश मखीजा ने अपने 14 साल के संघर्ष और अचानक मिली पहचान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे 800 उम्मीदवारों के बीच उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण भूमिका हासिल की।
- आकाश मखीजा ने 'राख' सीरीज में मास्टरमाइंड विलेन 'बाबू' की भूमिका निभाई।
- इस किरदार को पाने के लिए उन्हें 800 अन्य कलाकारों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी।
- सिंधी होने के बावजूद, उन्होंने मराठी किरदार की बारीकियों और भाषा पर कड़ी मेहनत की।
- एक्टर ने राजकुमार राव के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा किया।
अली फजल की क्राइम-थ्रिलर सीरीज 'राख' ने दर्शकों के बीच अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इस सीरीज में 'बाबू' के किरदार ने अपनी क्रूरता और चालाकी से सभी की नींद उड़ा दी। इस किरदार को जीवंत करने वाले अभिनेता आकाश मखीजा ने हाल ही में एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि कैसे यह रोल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
आकाश के लिए यह सफलता रातों-रात नहीं आई। उन्होंने बताया कि वह पिछले 13-14 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने टीवी सीरियल्स, 'क्राइम पेट्रोल' और 'निर्मल पाठक की घर वापसी' जैसे शो में काम किया, साथ ही फिल्म 'भूल चूक माफ' में राजकुमार राव के साथ स्क्रीन शेयर किया। हालांकि, 'राख' की सफलता ने उनके पुराने काम को भी नई रोशनी दी है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अब स्थापित सितारों के बजाय 'फ्रेश फेसेस' (नए चेहरों) की तलाश कर रहे हैं। आकाश मखीजा का मामला यह साबित करता है कि यदि प्रतिभा और धैर्य हो, तो वर्षों का गुमनाम संघर्ष एक सही प्रोजेक्ट के जरिए वैश्विक पहचान में बदल सकता है। यह उभरते कलाकारों के लिए एक प्रेरणा है कि 'रेस' कभी खत्म नहीं होती, बस उसका स्तर बदल जाता है।
किरदार के चयन की प्रक्रिया काफी कठिन थी। आकाश ने बताया कि मेकर्स एक ऐसे चेहरे की तलाश में थे जो जाना-पहचाना न हो। 800 लोगों के ऑडिशन के बाद 14 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया। दिलचस्प बात यह है कि एक बार उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था, लेकिन बाद में तीन घंटे की गहन मीटिंग के बाद उन्हें अंतिम रूप से चुना गया।
"जीवन के हर पड़ाव पर हमारी रेस बदलती रहती है; पहले संघर्ष ऑडिशन पाने का होता है, फिर बेहतर स्क्रिप्ट्स पाने का।" - आकाश मखीजा
भाषा की चुनौती भी उनके सामने बड़ी थी। सिंधी मूल के होने के कारण, मराठी बोलने वाले 'बाबू' के किरदार में ढलना आसान नहीं था। उन्होंने वर्कशॉप्स और निरंतर अभ्यास के जरिए अपनी भाषा और लहजे पर काम किया ताकि किरदार वास्तविक लगे। उन्हें सीरीज की पूरी कास्ट, जिसमें सोनाली बेंद्रे और अली फजल शामिल थे, के बारे में रीडिंग के दिन ही पता चला।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आकाश मखीजा ने 'राख' सीरीज में किसका किरदार निभाया?
उत्तर: उन्होंने सीरीज में मुख्य विलेन 'बाबू' का किरदार निभाया, जो कहानी का मास्टरमाइंड है।
प्रश्न 2: इस रोल को पाने के लिए आकाश को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर: उन्हें 800 लोगों के साथ ऑडिशन देना पड़ा और सिंधी होने के नाते मराठी भाषा सीखने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।