फिल्म निर्माता करण जौहर ने 'द ट्रेटर्स' के पीछे के मनोविज्ञान और चयन प्रक्रिया का खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शो पूरी तरह से अनस्क्रिप्टेड है और इसमें गोपनीयता बनाए रखने के लिए कड़े नियमों का पालन किया जाता है।
- ट्रेटर्स का चयन मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और गहन इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है।
- शो का कोई भी संवाद या घटना स्क्रिप्टेड नहीं है; यह पूरी तरह से फॉर्मेट-ड्रिवन है।
- गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी क्रू मेंबर्स और कंटेस्टेंट्स NDA साइन करते हैं।
- करण जौहर ने मुनवर फारुकी और अभिषेक मल्हान के प्रशंसकों से आपसी विवाद रोकने की अपील की है।
मशहूर फिल्म निर्माता और होस्ट करण जौहर ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सत्र के दौरान अपनी चर्चित रियलिटी सीरीज 'द ट्रेटर्स' (The Traitors) के पर्दे के पीछे के रहस्यों से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि शो में 'ट्रेटर्स' का चुनाव करना कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरी टीम और गहन शोध काम करता है।
चयन प्रक्रिया: मनोविज्ञान और गोपनीयता
करण ने स्पष्ट किया कि ट्रेटर्स का चयन वह अकेले नहीं करते। उन्होंने बताया, "एक पूरी टीम यह तय करती है कि कौन ट्रेटर बनेगा। इसमें प्रॉपर साइके (psyche) इवैल्यूएशन और खिलाड़ियों के साथ कई राउंड के इंटरव्यू शामिल होते हैं।" दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती तीन ट्रेटर्स को चौथे ट्रेटर के चयन में भी अपनी राय देने का मौका मिलता है, जिससे खेल की रणनीति और अधिक जटिल हो जाती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि 'द ट्रेटर्स' जैसे फॉर्मेट की सफलता उसकी प्रमाणिकता (authenticity) पर टिकी होती है। यदि दर्शकों को यह महसूस हो कि खेल स्क्रिप्टेड है, तो शो का सस्पेंस खत्म हो जाता है। करण जौहर का यह खुलासा कि वे खुद भी कुछ बड़े रहस्यों से अनजान रहते हैं, शो की विश्वसनीयता को बढ़ाता है।
"द ट्रेटर्स अब तक का सबसे अनस्क्रिप्टेड रियलिटी शो है, जहाँ केवल नियम और निर्देश दिए जाते हैं, संवाद नहीं।"
स्क्रिप्टिंग के दावों का खंडन
जब उनसे पूछा गया कि क्या शो स्क्रिप्टेड है, तो करण ने इसे पूरी तरह नकारा। उन्होंने कहा कि इस शो में न तो कोई बीट स्क्रिप्टेड है और न ही खिलाड़ियों द्वारा बोला गया कोई शब्द। उन्होंने यहाँ तक बताया कि सेट पर रहने के दौरान वह ट्रेटर्स के साथ तब तक बातचीत नहीं करते जब तक कि वह होस्ट के रूप में उनके सामने नहीं होते।
गोपनीयता को बनाए रखने के लिए NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) का कड़ाई से पालन किया जाता है। करण ने मजाक में उन कंटेस्टेंट्स को चेतावनी भी दी जिन्होंने शो छोड़ने के बाद विवरण साझा किए हैं।
फैन वॉर और सोशल मीडिया विवाद
शो के साथ-साथ मुनवर फारुकी और अभिषेक मल्हान के प्रशंसकों के बीच छिड़ी जंग ने भी तूल पकड़ लिया है। करण ने इस पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशंसकों को एक-दूसरे को गाली देने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलिमिनेशन खेल का हिस्सा है और 'सर्कल ऑफ शक' में किसी का बाहर जाना केवल गेमप्ले का परिणाम होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या 'द ट्रेटर्स' में संवाद पहले से लिखे होते हैं?
उत्तर: नहीं, करण जौहर के अनुसार, शो पूरी तरह से अनस्क्रिप्टेड है और खिलाड़ी अपनी मर्जी से बात करते हैं।
प्रश्न 2: ट्रेटर्स का चयन कैसे किया जाता है?
उत्तर: इनका चयन मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और कई दौर के इंटरव्यू के माध्यम से एक विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जाता है।