अपनी आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' की रिलीज से पहले, सुपरस्टार यश ने रश्मिका मंदाना के 'मिस्टर शो-ऑफ' वाले पुराने कमेंट और अल्लू अरविंद की विवादित बातों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

  • यश ने रश्मिका मंदाना की 2017 की 'मिस्टर शो-ऑफ' टिप्पणी को 'बकवास' टीवी शो का परिणाम बताया।
  • अल्लू अरविंद के इस दावे को खारिज किया कि KGF की सफलता केवल भव्यता के कारण थी।
  • यश ने जोर दिया कि फिल्म की सफलता पूरी टीम का सामूहिक प्रयास होती है, न कि केवल निर्माता का।

निर्देशक गीतू मोहनदास की फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) की रिलीज करीब है और कन्नड़ सुपरस्टार यश एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। KGF: चैप्टर 2 के बाद चार साल के लंबे अंतराल के बाद लौट रहे यश ने हाल ही में 'आप की अदालत' में उन पुराने विवादों पर बात की, जिन्होंने लंबे समय तक सुर्खियां बटोरी थीं।

सबसे अधिक चर्चा रश्मिका मंदाना के उस कमेंट की रही, जिसमें उन्होंने 2017 में एक टीवी शो के दौरान यश को कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का 'मिस्टर शो-ऑफ' कहा था। हालांकि रश्मिका ने बाद में इसके लिए माफी मांगी थी, लेकिन यश का मानना है कि ऐसे 'बकवास' टीवी शो मशहूर हस्तियों को ऐसे सवालों में फंसाते हैं कि वे बिना सोचे-समझे जवाब दे देते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यश की यह प्रतिक्रिया उनकी परिपक्वता को दर्शाती है। बाहरी राय से अपनी पहचान को अलग रखकर, वह दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में एक सुलझे हुए व्यक्तित्व के रूप में खुद को स्थापित कर रहे हैं, ताकि 'टॉक्सिक' की रिलीज के समय ध्यान विवादों के बजाय उनके काम पर रहे।

यश ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "किसी की राय मेरी शख्सियत तय नहीं करती। मैं जो हूं, वह किसी के नजरिये से नहीं बदलता। जो मुझे जानते हैं और प्यार करते हैं, वे समझते हैं।" उन्होंने अपने प्रशंसकों को यह भी चेतावनी दी कि यदि वे अन्य कलाकारों का सम्मान नहीं करते, तो वे उनके सच्चे प्रशंसक नहीं हैं।

यश का एक 'मास हीरो' से एक विचारशील और बौद्धिक व्यक्तित्व में बदलना उनकी पैन-इंडिया ब्रांड वैल्यू को और मजबूत करता है।

इसके अलावा, यश ने दिग्गज तेलुगु निर्माता अल्लू अरविंद की उस टिप्पणी पर भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि 'KGF से पहले यश कौन थे?' अरविंद ने सुझाव दिया था कि KGF की सफलता का मुख्य कारण उसकी भव्यता और मेकिंग थी, न कि यश का स्टारडम। इस पर यश ने तर्क दिया कि हालांकि निर्माता एक मंच प्रदान करता है, लेकिन यदि अभिनेता किरदार को सही ढंग से नहीं निभा पाता, तो फिल्म सफल नहीं हो सकती।

उन्होंने फिल्म जगत के लेखकों और सहायक कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर सारा श्रेय केवल मुख्य अभिनेता को मिल जाता है, जबकि सिनेमा एक सामूहिक कला है। उन्होंने विश्वास जताया कि दर्शक कभी गलत नहीं होते और वे जानते हैं कि वास्तव में सम्मान किसका हकदार है।

क्या आप जानते हैं?: KGF फ्रैंचाइज़ी की सफलता ने वैश्विक स्तर पर कन्नड़ फिल्म उद्योग (सैंडलवुड) की पहचान को एक नई ऊंचाई दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मिस्टर शो-ऑफ' विवाद क्या था?
2017 में एक टीवी शो के रैपिड-फायर राउंड के दौरान रश्मिका मंदाना ने यश को 'मिस्टर शो-ऑफ' कहा था, जिससे उनके प्रशंसक काफी नाराज हुए थे।

अल्लू अरविंद की बात पर यश ने क्या कहा?
यश ने कहा कि सिनेमा एक सामूहिक प्रयास है और भव्यता के साथ-साथ अभिनेता का प्रदर्शन भी फिल्म की सफलता के लिए अनिवार्य है।