ऑल इंडिया रेडियो की टॉप-ग्रेड कलाकार संगीत बलचंद्र उडुपी में 25 घंटे तक लगातार 'दसरा पद' गाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रही हैं। यह ऐतिहासिक प्रयास उनके करियर के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

  • संगीत बलचंद्र 23-24 अगस्त 2026 को 25 घंटे तक नॉन-स्टॉप गायन करेंगी।
  • यह प्रयास उडुपी श्री कृष्ण मठ के पास गीता मंदिर में आयोजित होगा।
  • कुल 250 दुर्लभ रचनाओं को नए रागों में प्रस्तुत किया जाएगा।

कर्नाटक के सांस्कृतिक केंद्र उडुपी में एक ऐतिहासिक संगीतमय उपलब्धि दर्ज होने जा रही है। संगीत बलचंद्र, जो ऑल इंडिया रेडियो की एक प्रतिष्ठित टॉप-ग्रेड कलाकार और प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर हैं, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए एक साहसी प्रयास करने जा रही हैं। वह 23 अगस्त सुबह 6:30 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त सुबह 7:30 बजे तक बिना रुके 'दसरा पद' (Dasara Padas) का गायन करेंगी।

इस मैराथन गायन सत्र को 'पंचविंशति' नाम दिया गया है। यह आयोजन उडुपी श्री कृष्ण मठ के निकट स्थित गीता मंदिर में होगा। संगीत बलचंद्र ने मंगलुरु में प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि वह पुरंदरदास, ಕನकदास, गोपालदास और विजयदास जैसे महान संतों की लगभग 250 रचनाओं को प्रस्तुत करेंगी। खास बात यह है कि इनमें से कई रचनाएं ऐसी हैं जिन्हें आमतौर पर अन्य गायकों द्वारा नहीं गाया जाता है, और उन्हें नए रागों में पिरोया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह प्रयास केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि कर्नाटक की समृद्ध 'दसा साहित्य' परंपरा का पुनरुद्धार है। एक महिला कलाकार द्वारा 1,500 मिनट तक निरंतर गायन करना शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की पराकाष्ठा है, जो शास्त्रीय संगीत के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

इस कठिन यात्रा के दौरान, उन्हें संगीतकारों की दो टीमें सहायता करेंगी, जिनमें कीबोर्ड, रिदम पैड, बांसुरी और तबला वादक शामिल होंगे। नियमों के अनुसार, वह हर तीन घंटे में केवल 10 मिनट का संक्षिप्त विश्राम लेंगी।

"शास्त्रीय संगीत में निरंतरता और धैर्य का संगम ही एक कलाकार को महानता की ओर ले जाता है, और 'पंचविंशति' इसी साधना का प्रमाण है।"

संगीत बलचंद्र ने इस लक्ष्य को अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर और AIR कलाकार के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चुना है। इस महा-अभियान के लिए वह पिछले तीन महीनों से कड़ा अभ्यास कर रही हैं। यह संभवतः देश का पहला ऐसा प्रयास होगा जहां एक महिला कलाकार ने इतने लंबे समय तक निरंतर भक्ति पदों का गायन किया हो।

क्या आप जानते हैं?: தசরা पद (Dasara Padas) कर्नाटक के भक्ति आंदोलन का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य सरल भाषा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान को आम जनता तक पहुँचाना था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'पंचविंशति' आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य संगीत बलचंद्र द्वारा 25 घंटे निरंतर गायन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना और उनके करियर के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाना है।

प्रश्न 2: इस कार्यक्रम में किन संतों की रचनाएं गाई जाएंगी?
उत्तर: इस कार्यक्रम में पुरंदरदास, ಕನकदास, गोपालदास और विजयदास सहित अन्य महान दसों की लगभग 250 रचनाएं गाई जाएंगी।