दक्षिण भारतीय सुपरस्टार सूर्या ने अपनी नई फिल्म 'विशwanath and Sons' में एक ऐसे किरदार को निभाया है जो पारंपरिक नैतिकता से अलग कैजुअल डेटिंग में विश्वास रखता है, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक ताज़ा बदलाव है।

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  • सूर्या ने 'विशwanath and Sons' में संजय विश्वनाथ नामक एक 40 वर्षीय व्यवसायी की भूमिका निभाई है।
  • फिल्म में कैजुअल डेटिंग और विवाह पूर्व यौन संबंधों को बिना किसी शर्म या निर्णय के सहजता से दिखाया गया है।
  • यह किरदार सूर्या की पिछली 'आदर्शवादी' और 'नैतिक' ऑन-स्क्रीन इमेज से बिल्कुल अलग है।

दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सूर्या अपनी नई फिल्म 'विशwanath and Sons' के माध्यम से एक ऐसा प्रयोग कर रहे हैं, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी। फिल्म में वह संजय विश्वनाथ की भूमिका में हैं, जो एक सफल व्यवसायी और पिस्टल शूटर है। हालांकि फिल्म एक 'फील-गुड' एंटरटेनर है, लेकिन इसमें एक छोटा सा दृश्य है जो भारतीय समाज और सिनेमा की गहरी रूढ़ियों को चुनौती देता है।

दशकों से सूर्या की फिल्मोग्राफी एक सख्त नैतिक पैमाने पर आधारित रही है। उन्होंने हमेशा ऐसे किरदारों को पर्दे पर उतारा है जो 'बिल्कुल सही' होते हैं—चाहे वह एक ईमानदार पुलिस अधिकारी हो, एक समर्पित सैनिक हो या एक आदर्श पति। उनकी ऑन-स्क्रीन छवि हमेशा 'एक पुरुष, एक महिला' के सिद्धांत का पालन करने वाले रक्षक की रही है। लेकिन संजय विश्वनाथ का किरदार इस सांचे को पूरी तरह तोड़ देता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय व्यावसायिक सिनेमा, विशेष रूप से तमिल और तेलुगु फिल्मों में, अभी भी विवाह पूर्व यौन संबंधों और कैजुअल डेटिंग को एक 'समस्या' या 'पाप' के रूप में दिखाया जाता है। 'विशwanath and Sons' इस विमर्श को बदलती है। यहाँ डेटिंग ऐप्स का उपयोग करना या अपनी यौन इच्छाओं के प्रति ईमानदार होना कोई नैतिक संकट नहीं, बल्कि एक वयस्क जीवन की सामान्य वास्तविकता के रूप में दिखाया गया है।

"सिनेमा जब नैतिकता का उपदेश देना छोड़कर वास्तविकता को स्वीकार करना शुरू करता है, तभी वह वास्तव में प्रगतिशील बनता है।"

फिल्म का एक महत्वपूर्ण दृश्य है जहाँ संजय की माँ, निर्मला (राधिका सरथकुमार), उसके सूटकेस में कंडोम मिलने की बात करती हैं। आमतौर पर भारतीय फिल्मों में ऐसे दृश्यों को भारी तनाव या शर्मिंदगी के साथ दिखाया जाता है, लेकिन यहाँ इसे हास्य और सहजता के साथ पेश किया गया है। संजय, उसकी माँ और मैडी (ममिता बैजू) के बीच डेटिंग के अनुभवों पर होने वाली बातचीत यह दर्शाती है कि परिवार अब इन विषयों पर बिना किसी निर्णय के चर्चा कर सकता है।

यह बदलाव इसलिए अधिक प्रभावशाली है क्योंकि सूर्या का व्यक्तित्व पिछले दो दशकों से 'सही व्यवहार' के मॉडल के रूप में स्थापित था। इस फिल्म में, उनके किरदार का अतीत कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसे क्लाइमेक्स में सुलझाना हो, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व का एक स्वाभाविक हिस्सा है।

क्या आप जानते हैं?: सूर्या ने अपने करियर की शुरुआत में कई ऐसे किरदार निभाए जो समाज के लिए एक आदर्श मिसाल थे, जिससे उनकी एक 'मिस्टर परफेक्ट' वाली छवि बन गई थी।

Frequently Asked Questions

1. 'विशwanath and Sons' में सूर्या का किरदार क्या है?
सूर्या ने संजय विश्वनाथ की भूमिका निभाई है, जो एक 40 वर्षीय सफल व्यवसायी और पिस्टल शूटर है जो अपनी निजी जिंदगी में कैजुअल डेटिंग को अपनाता है।

2. यह फिल्म अन्य व्यावसायिक फिल्मों से कैसे अलग है?
यह फिल्म विवाह पूर्व यौन संबंधों और सरोगेसी जैसे विषयों को बिना किसी नैतिक उपदेश या शर्मिंदगी के, एक सामान्य वयस्क वास्तविकता के रूप में प्रस्तुत करती है।