जेसन स्टैथम की नई एक्शन फिल्म 'म्युटिनी' 95 मिनट की होने के बावजूद बहुत लंबी और उबाऊ महसूस होती है। फिल्म में एक्शन की कमी और कमजोर कहानी इसे एक निराशाजनक अनुभव बनाती है।
- फिल्म की अवधि मात्र 95 मिनट है, फिर भी यह खिंची हुई लगती है।
- जेसन स्टैथम का प्रदर्शन इस बार काफी फीका और बिना ऊर्जा वाला है।
- कमजोर पटकथा और दिशाहीन एक्शन फिल्म को उबाऊ बनाते हैं।
जेसन स्टैथम की नई समुद्री एक्शन फिल्म 'म्युटिनी' (Mutiny) सिनेमाघरों में आ चुकी है, लेकिन यह दर्शकों को वह रोमांच देने में पूरी तरह विफल रही है जिसकी उनसे अपेक्षा की जा रही थी। मात्र 95 मिनट की अवधि वाली यह फिल्म किसी अनपॉलिश 'असेंबली कट' की तरह महसूस होती है, जहाँ केवल कुछ ही एक्शन दृश्य देखने लायक हैं। फिल्म की शुरुआत धमाकेदार होनी चाहिए थी, लेकिन यह बिना किसी प्रभाव के एक सुस्त गति से चलती है।
कहानी बैंकॉक में स्थित है, जहाँ स्टैथम का किरदार कोल रीड, एक शिपिंग टाइकून तिबू कैंपलो की सुरक्षा करता है। एक पार्टी के दौरान हमला होता है और तिबू की हत्या कर दी जाती है। इसके बाद शुरू होता है बदले का सफर, लेकिन फिल्म की पटकथा इतनी धीमी है कि दर्शक कहानी में जुड़ाव महसूस ही नहीं कर पाते।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बड़े बजट की एक्शन फिल्मों में केवल नामी सितारों का होना पर्याप्त नहीं है। 'म्युटिनी' यह दर्शाती है कि यदि निर्देशन और संपादन (editing) में दम न हो, तो एक संक्षिप्त फिल्म भी दर्शकों को थका सकती है। यह फिल्म वैश्विक शिपिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों को छूने की कोशिश तो करती है, लेकिन उन्हें केवल पृष्ठभूमि के रूप में इस्तेमाल कर लेती है।
'म्युटिनी' एक ऐसी फिल्म है जो अपनी ही गति में उलझकर रह गई है, जहाँ एक्शन के नाम पर केवल शोर है, गहराई नहीं।
निर्देशक जीन-फ्रांस्वा रिचेट, जिन्होंने इससे पहले 'प्लेन' जैसी फिल्म बनाई थी, इस बार एक अलग ही संघर्ष करते नजर आते हैं। फिल्म के दृश्य और संवाद दोनों ही जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, एक साधारण सी घटना को दिखाने के लिए कैमरा जिस तरह से लंबे समय तक चलता है, वह फिल्म की सुस्ती को और बढ़ा देता है।
फिल्म में एनाबेल वालिस की भूमिका भी बहुत बिखरी हुई है। हालांकि फिल्म में समुद्र और जहाज को एक पात्र के रूप में दिखाने की कोशिश की गई है, लेकिन जहाज की बनावट और दृश्य इतने अस्पष्ट हैं कि दर्शक भ्रमित हो जाते हैं। अंततः, यह फिल्म केवल कार्टून जैसे विलेन और बिना किसी भावना वाले एक्शन का एक संग्रह बनकर रह जाती है।
Frequently Asked Questions
1. क्या 'म्युटिनी' देखने लायक फिल्म है?
यदि आप जेसन स्टैथम के कट्टर प्रशंसक हैं, तो शायद आप इसे देख लें, लेकिन सामान्य दर्शकों के लिए यह काफी उबाऊ हो सकती है।
2. फिल्म की मुख्य कमी क्या है?
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी कमजोर पटकथा और बहुत ही धीमा संपादन है, जो 95 मिनट को भी लंबा बना देता है।