चैनल 4 के एक हालिया वृत्तचित्र ने ADHD को एक मस्तिष्क विकार के बजाय एक 'सामाजिक रचना' बताकर विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके खिलाफ अब विशेषज्ञों और चैरिटी ने ऑफकॉम (Ofcom) से शिकायत की है।
- चैनल 4 के वृत्तचित्र 'The Great ADHD Myth?' ने ADHD की वैधता पर सवाल उठाए।
- ADHD UK और रॉयल कॉलेज ऑफ साइकियाट्रिस्ट ने इस दावे का कड़ा विरोध किया है।
- वृत्तचित्र में दिखाए गए बच्चे ने दवा छोड़ने के बाद स्कूल में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में फिर से दवा लेनी पड़ी।
ब्रिटिश टेलीविजन चैनल Channel 4 के एक विवादास्पद वृत्तचित्र ने चिकित्सा जगत और मानसिक स्वास्थ्य समर्थकों के बीच एक भीषण विवाद छेड़ दिया है। 'The Great ADHD Myth?' नामक इस कार्यक्रम में, जो एनएचएस (NHS) मनोचिकित्सक Dr Max Pemberton द्वारा प्रस्तुत किया गया था, यह निष्कर्ष निकाला गया कि ADHD कोई मस्तिष्क विकार नहीं बल्कि एक 'सामाजिक रचना' (social construct) है।
इस दावे के तुरंत बाद, प्रमुख चैरिटी ADHD UK ने मीडिया नियामक Ofcom के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। चैरिटी का तर्क है कि ADHD कोई मिथक नहीं है और इसे इस तरह से पेश करना उन लाखों लोगों के अनुभवों को खारिज करने जैसा है जो इस स्थिति से जूझ रहे हैं। Royal College of Psychiatrists ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह के चित्रण से बीमारी की गंभीरता को कम करके आंका जा सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक टीवी शो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों की वैज्ञानिक समझ और समाज में उनके प्रति दृष्टिकोण के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाता है। जब मीडिया संस्थान स्थापित चिकित्सा मानकों को चुनौती देते हैं, तो इसका सीधा असर मरीजों की देखभाल और उनके द्वारा प्राप्त किए जाने वाले समर्थन पर पड़ता है।
'ADHD की वैधता पर सवाल उठाना उन लोगों और पेशेवरों के साथ अन्याय है जो इसकी देखभाल में लगे हैं।' - प्रो. सुबोध दवे, रॉयल कॉलेज ऑफ साइकियाट्रिस्ट।
वृत्तचित्र में एक 10 वर्षीय लड़के का मामला दिखाया गया जिसने अपनी दवाएं बंद कर दी थीं। हालांकि, कार्यक्रम के अंत में एक कैप्शन में यह खुलासा किया गया कि फिल्म की शूटिंग के दो महीने बाद वह लड़का फिर से दवा लेने लगा और उसके स्कूल के प्रदर्शन में सुधार हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि वृत्तचित्र का अपना ही निष्कर्ष उसके द्वारा दिखाए गए तथ्यों के विपरीत था।
चैनल 4 ने अपने बचाव में कहा कि यह कार्यक्रम किसी के अनुभवों को नकार नहीं रहा है, बल्कि उन विशेषज्ञों की राय प्रस्तुत कर रहा है जो आधुनिक जीवनशैली और निदान की बढ़ती दरों के बीच संबंध की जांच कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यह बहस का एक वैध हिस्सा है कि क्या समाज आज के व्यवहारों को अपनाने के लिए तैयार है।
Frequently Asked Questions
1. ऑफकॉम (Ofcom) की भूमिका क्या है?
ऑफकॉम ब्रिटेन का मीडिया नियामक है जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रसारण मानकों का पालन किया जाए और भ्रामक सामग्री को रोका जाए।
2. क्या ADHD एक वास्तविक बीमारी है?
हाँ, NICE (National Institute for Health and Care Excellence) के अनुसार, ADHD एक व्यवहारिक सिंड्रोम है जिसमें अतिसक्रियता और ध्यान की कमी जैसे लक्षण शामिल हैं।