IIT बॉम्बे के टॉपर और UPSC एस्पिरेंट योगेश साहू ने KBC 18 में ₹1 करोड़ के सवाल पर खेल छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि सवाल की भाषा गलत थी, जिसके कारण वह सही उत्तर तक नहीं पहुँच सके।
- IIT बॉम्बे टॉपर योगेश साहू ₹50 लाख जीतकर KBC 18 से बाहर हुए।
- ₹1 करोड़ के सवाल में 'घोड़े' और 'मारी' (मादा घोड़ा) के शब्द को लेकर विवाद हुआ।
- सही उत्तर 'प्रिंसेस ब्यूटीफुल' था, जिसे साहू ने गलत भाषा के कारण खारिज कर दिया था।
कॉमन नॉलेज और बुद्धिमत्ता के संगम वाले शो Kaun Banega Crorepati 18 में एक बेहद रोमांचक मोड़ देखने को मिला। IIT बॉम्बे के टॉपर और UPSC की तैयारी कर रहे योगेश साहू ने ₹1 करोड़ के सवाल पर आकर खेल छोड़ने का साहसी फैसला किया। साहू ₹50 लाख की सम्मानजनक राशि लेकर घर लौटे, लेकिन उनके मन में उस सवाल को लेकर एक बड़ा सवाल बना रहा।
क्या वाकई सवाल गलत था?
विवाद की जड़ सवाल की शब्दावली थी। अमिताभ बच्चन ने पूछा था कि बड़ौदा के महाराजा के स्वामित्व वाला कौन सा 'घोड़ा' (Horse) 1943 में मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में पहली इंडियन डर्बी जीता था। साहू के सामने विकल्प थे: Princess Beautiful, Regal Domain, Star of Gwalior और Prince Pradeep।
योगेश साहू का तर्क था कि यदि उत्तर 'Princess Beautiful' था, तो सवाल में 'घोड़े' (Horse) के बजाय 'मारी' (Mare - मादा घोड़ा) शब्द का उपयोग किया जाना चाहिए था। उन्होंने इसी भाषाई बारीकी के कारण 'Princess Beautiful' को विकल्पों से बाहर कर दिया था। अमिताभ बच्चन ने बाद में इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'प्रिंसेस' नाम ही इस बात का संकेत था कि वह एक मादा घोड़ा थी।
बड़ौदा के महाराजा और ऐतिहासिक संदर्भ
यह सवाल केवल एक खेल का हिस्सा नहीं था, बल्कि भारत के समृद्ध इतिहास से जुड़ा था। Princess Beautiful बड़ौदा के महाराजा प्रताप सिंह राव गायकवाड़ की घोड़ी थी। गायकवाड़ न केवल एक शासक थे, बल्कि घुड़दौड़ के प्रति भी गहरा लगाव रखते थे। Princess Beautiful ने इंडियन 1000 गुइणीस, इंडियन 2000 गुइनीस और पहली इंडियन डर्बी जीतकर इतिहास रचा था।
BozokMedia विश्लेषण: बुद्धिमत्ता बनाम भाषा
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि उच्च स्तर की बौद्धिक क्षमता वाले प्रतियोगी अक्सर शब्दों की सूक्ष्म व्याख्याओं में फंस जाते हैं। योगेश साहू का मामला यह दर्शाता है कि कैसे एक तकनीकी शब्द (Gender specificity in animals) एक करोड़पति बनने के सपने और ₹50 लाख के बीच का अंतर बन सकता है।
एक उच्च शिक्षित प्रतियोगी के लिए शब्दों की सटीकता सर्वोपरि होती है, और कभी-कभी यही सटीकता निर्णय लेने में बाधा बन जाती है।
योगेश साहू का प्रेरणादायक सफर
योगेश साहू की कहानी केवल एक गेम शो तक सीमित नहीं है। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने ₹18 लाख सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया ताकि वे अपने UPSC के सपने को पूरा कर सकें। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन उनके पिता और परिवार ने हमेशा उनके बड़े सपनों का समर्थन किया है।
Frequently Asked Questions
1. योगेश साहू ने KBC में कितनी राशि जीती?
योगेश साहू ने ₹50 लाख की राशि जीती।
2. KBC 18 का शीर्ष पुरस्कार क्या है?
KBC सीजन 18 का शीर्ष पुरस्कार ₹7 करोड़ है।