मशहूर वीजे मिनी माथुर ने अपने पति कबीर खान के साथ अंतरधर्मी विवाह और बच्चों की परवरिश को लेकर दिल छू लेने वाली बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि क्यों उन्होंने शादी के बाद भी अपना सरनेम नहीं बदला और उनके बच्चे किस विचारधारा को मानते हैं।
- मिनी माथुर ने शादी के बाद भी अपना सरनेम 'माथुर' ही बरकरार रखा।
- उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को किसी विशेष धर्म के बजाय केवल 'इंसानियत' सिखाई गई है।
- कबीर खान और मिनी के बीच धर्म कभी भी रिश्ते में बाधा नहीं बना।
- मिनी के पिता ने कबीर खान को पसंद किया और शादी के लिए खुशी-खुशी सहमति दी।
मशहूर वीजे और होस्ट मिनी माथुर ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी के उन पहलुओं पर खुलकर बात की है, जो अक्सर समाज में चर्चा का विषय बनते हैं। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक कबीर खान (निर्देशक: बजरंगी भाईजान, न्यूयॉर्क) के साथ अंतरधर्मी विवाह करने वाली मिनी ने स्पष्ट किया कि उनके रिश्ते में धर्म कभी भी कोई दीवार नहीं बना। उन्होंने अपनी पहचान और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अपने कड़े और स्पष्ट फैसले साझा किए हैं।
सरनेम बदलने पर मिनी का स्पष्ट रुख
एक साक्षात्कार के दौरान, मिनी ने खुलासा किया कि उन्होंने शादी के बाद अपना सरनेम बदलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं कभी अपने पासपोर्ट पर अपने पति का नाम नहीं लिखवाना चाहती थी। मैं 'मिनी कबीर खान' नहीं बनना चाहती थी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बच्चों के पासपोर्ट पर भी किसी एक का नाम नहीं, बल्कि दोनों की पहचान होनी चाहिए। यदि खान लिखना है, तो माथुर भी लिखना होगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that in an era where identity politics and religious divisions are highly sensitive, Mini Mathur's decision to maintain her individual identity and promote a secular upbringing for her children serves as a progressive model for modern Indian families. Her stance challenges traditional societal expectations regarding marriage and surname changes.
"हमने अपने बच्चों पर किसी विशेष धर्म को अपनाने का दबाव नहीं डाला है; हमने उन्हें केवल इंसानियत सिखाई है।" - मिनी माथुर
परवरिश और धार्मिक मान्यताओं का संगम
धर्म और संस्कृति के मामले में मिनी ने बताया कि वह अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं। वह करवा चौथ और अहोई अष्टमी जैसे व्रत रखती हैं क्योंकि उनका अपने माता-पिता के साथ एक गहरा सांस्कृतिक बंधन है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बहुत धार्मिक नहीं हैं, लेकिन जो परंपराएं वह बचपन से देखती आई हैं, उन्हें निभाना उन्हें पसंद है।
कबीर खान के साथ प्रेम विवाह की कहानी
मिनी ने अपनी प्रेम कहानी साझा करते हुए बताया कि उनके पिता कबीर खान को बहुत पसंद करते थे। कबीर अक्सर उनके घर आते थे और अपने अनुभवों (जैसे इजरायल की यात्रा) के बारे में बात करते थे, जिससे उनके पिता काफी प्रभावित होते थे। जब मिनी ने बताया कि कबीर एक मुस्लिम हैं, तो उनके पिता का रिएक्शन बेहद सहज था। उन्होंने कहा, "खान और खन्ना में बस 'N' और 'A' का ही तो फर्क है!"
बच्चों की पहचान और भविष्य
जब उनसे पूछा गया कि उनके बच्चे (विवान और सायरा) किस धर्म को मानते हैं, तो मिनी ने बेहद खूबसूरती से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके घर के मंदिर में सभी देवी-देवता हैं। उन्होंने बच्चों पर किसी एक धर्म को थोपने के बजाय उन्हें एक वैश्विक नागरिक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
Frequently Asked Questions
1. क्या मिनी माथुर ने शादी के बाद अपना सरनेम बदला?
नहीं, मिनी माथुर ने शादी के बाद भी अपना सरनेम 'माथुर' ही रखा है।
2. कबीर खान कौन हैं?
कबीर खान एक प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने 'बजरंगी भाईजान' और 'न्यूयॉर्क' जैसी फिल्में बनाई हैं।