इंसिडियस फ्रेंचाइजी की छठी फिल्म 'आउट ऑफ द फर्दर' कुछ बेहतरीन दृश्यों के साथ आती है, लेकिन यह अपनी पुरानी पहचान और गहराई को पकड़ने में संघर्ष करती नजर आती है।

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  • फिल्म में जेकब चेस का निर्देशन और नई मुख्य पात्र जेम्मा (अमेलिया ईव) पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • कुछ दृश्य, जैसे कि तकिए वाले किले (pillow fort) का दृश्य, काफी डरावने और प्रभावी हैं।
  • अत्यधिक 'जंप स्केयर्स' और जटिल पौराणिक कथाओं के कारण फिल्म की गति धीमी हो जाती है।

हॉरर सिनेमा की दुनिया में इंसिडियस (Insidious) एक बड़ा नाम रहा है। 2010 में जेम्स वान और ली वेनहैल द्वारा शुरू की गई यह सीरीज अपने अनोखे 'फर्दर' (The Further) नामक परलोक के लिए जानी जाती है। अब, सोलह साल बाद, 'इंसिडियस: आउट ऑफ द फर्दर' के साथ इस सफर का छठा पड़ाव आ चुका है। हालांकि, यह फिल्म अपनी पिछली फिल्मों जैसी गहराई और डर पैदा करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती है।

एक नई शुरुआत और नई चुनौतियां

इस बार कहानी लैम्बर्ट परिवार से हटकर जेम्मा (अमेलिया ईव) के इर्द-गिर्द घूमती है। जेम्मा एक सिंगल मदर है जो अपनी बेटी माया के साथ उसी घर में रहती है जहाँ उसकी माँ की मृत्यु हुई थी। निर्देशक जेकब चेस ने कहानी को एक नए मोड़ पर खड़ा किया है, जहाँ जेम्मा को अपनी विरासत में मिली अलौकिक शक्तियों का सामना करना पड़ता है। फिल्म की शुरुआत अतीत की एक दुखद घटना से होती है, जो वर्तमान के डर के लिए एक आधार तैयार करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लंबे समय तक चलने वाली हॉरर फ्रेंचाइजी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी मौलिकता बनाए रखना है। जब कोई सीरीज अपने छठे भाग तक पहुँचती है, तो अक्सर वह केवल 'जंप स्केयर्स' पर निर्भर हो जाती है, जिससे कहानी का भावनात्मक जुड़ाव कम हो जाता है।

इंसिडियस की ताकत हमेशा उसके वातावरण में थी, लेकिन इस बार वह वातावरण धुंध और शोर में कहीं खो गया है।

फिल्म के कुछ दृश्य वास्तव में प्रभावशाली हैं। विशेष रूप से वह दृश्य जहाँ माया का 'पिलो फोर्ट' एक अंतहीन भूलभुलैया में बदल जाता है, दर्शकों को एक अलग तरह का 'क्लौस्ट्रोफोबिक' (दम घोंटने वाला) अनुभव देता है। यह दृश्य 'बैकरूम्स' जैसी डरावनी वाइब्स देता है, जो फिल्म के सबसे मजबूत हिस्सों में से एक है।

हालांकि, फिल्म की कुछ कमियां भी स्पष्ट हैं। अत्यधिक 'जंप स्केयर्स' का उपयोग ऐसा लगता है जैसे फिल्म दर्शकों को जगाए रखने के लिए बार-बार 'डिफाइब्रिलेटर' का उपयोग कर रही हो। इसके अलावा, फिल्म का विलेन, सायरस लैम (सैम स्प्रुएल), एक दिलचस्प किरदार हो सकता था, लेकिन पटकथा की जटिलता और अत्यधिक स्पष्टीकरण (exposition) के कारण उसका प्रभाव कम हो जाता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या 'आउट ऑफ द फर्दर' पुरानी फिल्मों की तरह डरावनी है?
यह कुछ बेहतरीन दृश्यों के साथ डरावनी तो है, लेकिन यह पिछली फिल्मों जैसी गहराई और रहस्य पैदा करने में विफल रहती है।

2. फिल्म का मुख्य केंद्र क्या है?
फिल्म का मुख्य केंद्र जेम्मा की अलौकिक शक्तियां और उसके परिवार का 'फर्दर' के राक्षसों से संघर्ष है।

Did You Know?: इंसिडियस फ्रेंचाइजी ने हॉरर शैली में 'द फर्दर' जैसे काल्पनिक आयामों के उपयोग से एक नया मानक स्थापित किया था।