ओड़िया साहित्य के दिग्गज आशुतोष परिदा को उनके कविता संग्रह 'विश्वास दे पृथ्वी' के लिए इस वर्ष का प्रतिष्ठित सरला पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।

  • कवि आशुतोष परिदा को उनके कविता संग्रह 'विश्वास दे पृथ्वी' के लिए सरला पुरस्कार मिलेगा।
  • पुरस्कार राशि ₹7 लाख, प्रशस्ति पत्र और तांबे की पट्टिका प्रदान की जाएगी।
  • समारोह 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में आयोजित होगा।
  • गुरु दुर्गा चरण रणबीर को 'इला-बंसीधर पांडा कला सम्मान' से नवाजा जाएगा।

ओड़िया साहित्य जगत के लिए एक गौरवशाली क्षण में, प्रसिद्ध कवि, निबंधकार और पूर्व वैज्ञानिक आशुतोष परिदा को इस वर्ष के प्रतिष्ठित सरला पुरस्कार की घोषणा की गई है। यह वार्षिक साहित्यिक पुरस्कार इंडियन मेटल्स पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (IMPaCT) द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ओडिशा स्थित औद्योगिक समूह Indian Metals and Ferro Alloys Ltd (IMFA) की धर्मार्थ शाखा है।

आशुतोष परिदा को यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कविता संग्रह 'विश्वास दे पृथ्वी' (Bishwas De Pruthwi) के लिए दिया जा रहा है, जिसे प्रभा प्रकाशन द्वारा वर्ष 2024 में प्रकाशित किया गया था। IMPaCT द्वारा की गई समीक्षा में इस कृति को एक 'प्रेरणादायक संकलन' के रूप में स्वीकार किया गया है।

पुरस्कार समारोह का विवरण

IMFA द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पुरस्कार समारोह 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामय अवसर पर श्री परिदा को एक प्रशस्ति पत्र, एक तांबे की पट्टिका और ₹7 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

इस वर्ष की चयन प्रक्रिया अत्यंत कड़ी थी। निर्णय प्रक्रिया के अंतिम दौर में सात प्रमुख पुस्तकों ने अपनी जगह बनाई थी, जिनमें अपर्णा मोहंती, पद्मजा पल, अर्चना नायक, विजय नायक, प्रकाश महापात्र और रमेश प्रसाद पाणिग्रही की कृतियाँ शामिल थीं। चयन प्रक्रिया में कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक जैसे विविध साहित्यिक रूपों को शामिल किया गया था।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि सरला पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह ओड़िया भाषा और साहित्य की जीवंतता का प्रमाण भी है। एक वैज्ञानिक से कवि बनने का आशुतोष परिदा का सफर बौद्धिक और रचनात्मक उत्कृष्टता के संगम को दर्शाता है, जो युवा रचनाकारों के लिए एक मिसाल है।

साहित्यिक पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का एक माध्यम हैं।

इसके अतिरिक्त, कला के क्षेत्र में जीवनपर्यंत उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले 'इला-बंसीधर पांडा कला सम्मान' की घोषणा भी कर दी गई है। इस वर्ष यह सम्मान प्रसिद्ध ओडिसी उस्ताद गुरु दुर्गा चरण रणबीर और मूर्तिकार एवं कला शिक्षक श्री दामोदर बेहरा को दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सरला पुरस्कार कौन प्रदान करता है?
उत्तर: यह पुरस्कार इंडियन मेटल्स पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (IMPaCT) द्वारा प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 2: आशुतोष परिदा को किस रचना के लिए यह पुरस्कार मिल रहा है?
उत्तर: उन्हें उनके कविता संग्रह 'विश्वास दे पृथ्वी' के लिए यह पुरस्कार मिल रहा है।

Did You Know?: सरला पुरस्कार ओडिशा के समृद्ध साहित्यिक इतिहास को सम्मानित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कारों में से एक माना जाता है।