रक्स मीडिया कलेक्टिव की हालिया प्रदर्शनी ज़्यूरिख से लद्दाख तक फैली है, जहाँ 'शमियना' केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि प्रतिरोध और स्मृति का एक शक्तिशाली प्रतीक बनकर उभरा है।

  • रक्स मीडिया कलेक्टिव की पहली एकल भारतीय प्रदर्शनी लद्दाख में आयोजित की गई।
  • 'शमियना' को कलात्मक प्रतिरोध और सामूहिक स्मृति के प्रतीक के रूप में उपयोग किया गया है।
  • प्रदर्शनी ज़्यूरिख के म्यूजियम से होते हुए लद्दाख के ऐतिहासिक LAMO भवन तक पहुंची है।

लद्दाख के लेह में स्थित 17वीं शताब्दी के LAMO (Ladakh Arts and Media Organisation) भवन की दीवारों और छतों पर फैला रंगीन 'शमियना' केवल एक सजावटी कपड़ा नहीं है। यह रक्स मीडिया कलेक्टिव (Raqs Media Collective) की कलात्मक यात्रा का एक जीवंत हिस्सा है, जो ज़्यूरिख के म्यूजियम से होते हुए अब हिमालय की गोद में पहुँच चुका है। यह प्रदर्शनी कला, राजनीति और समय के बीच के जटिल संबंधों को टटोलती है।

रक्स मीडिया कलेक्टिव, जिसकी स्थापना 1992 में जीबेश बागची, शुद्धाब्रत सेनगुप्ता और मोनिका नरूला ने की थी, अपने नाम के अनुरूप 'गतिज चिंतन' (kinetic contemplation) का अभ्यास करती है। उनके लिए कला केवल सौंदर्यशास्त्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'भूमिगत राजनीति' (subterranean political) का एक हिस्सा है। जैसा कि मोनिका नरूला कहती हैं, हमारे द्वारा किया गया हर कार्य हमारे परिवेश पर प्रभाव डालता है—चाहे वह शहरी हो, भावनात्मक हो या पारिस्थितिक।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रक्स का काम केवल कला प्रदर्शनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक संघर्षों और स्थानीय आंदोलनों के बीच एक सेतु का काम करता है। ज़्यूरिख में 'डिसओबीडिएंस आर्काइव' से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर में छात्र आंदोलनों तक, उनका 'शमियना' विरोध और एकजुटता का एक मूक गवाह रहा है।

"डिसओबीडिएंस (अवज्ञा) का अर्थ केवल 'ना' कहना नहीं है, बल्कि यह जानना है कि आप कुछ नया रच रहे हैं।" - जीबेश बागची

लद्दाख में इस प्रदर्शनी का शीर्षक है 'The Time is Never Ripe'। यह शीर्षक समय की अनिश्चितता और धैर्य की आवश्यकता को दर्शाता है। प्रदर्शनी में 25 विभिन्न कलाकृतियाँ शामिल हैं, जो विभिन्न कालखंडों को एक साथ जोड़ती हैं। यह 'लेयर केक' की तरह है, जहाँ इतिहास की विभिन्न परतें एक-दूसरे में समाहित हैं।

यह सामूहिक केवल फिल्मों और स्थापनाओं (installations) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय के मुद्दों से भी गहराई से जुड़ा है। हाल ही में शुद्धाब्रत सेनगुप्ता ने कलाकार सृष्टि गुप्ता के समर्थन में आवाज उठाई, जिन्हें नोएडा श्रमिक विरोध में शामिल होने के कारण हिरासत में लिया गया था। यह दर्शाता है कि रक्स के लिए कला और जीवन की स्वतंत्रता अविभाज्य हैं।

Did You Know?: रक्स मीडिया कलेक्टिव का नाम सूफी शब्द से लिया गया है, जो एक दरवेश के घूमने की प्रक्रिया को दर्शाता है।

Frequently Asked Questions

1. रक्स मीडिया कलेक्टिव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उनका उद्देश्य कला, राजनीति और पारिस्थितिकी के बीच के अंतर्संबंधों को खोजना और प्रदर्शित करना है।

2. 'शमियना' यहाँ क्या दर्शाता है?
शमियना यहाँ केवल एक तंबू नहीं, बल्कि प्रतिरोध, स्मृति और सामूहिक संवाद के एक प्रतीक के रूप में कार्य करता है।