32 वर्षों से जेल में बंद सी. सेल्वम की पुस्तक 'ओरु थूकू कैथियिन वाकुमूलम' को कनाडा के तमिल लिटरेरी गार्डन द्वारा इयाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुस्तक जेल सुधारों और सलाखों के पीछे के वास्तविक जीवन का मार्मिक चित्रण करती है।

  • 32 साल से जेल में बंद कैदी सी. सेल्वम को कनाडा का 'इयाल पुरस्कार' मिला।
  • उनकी पुस्तक 'ओरु थूकू कैथियिन वाakumoolam' को नॉन-फिक्शन श्रेणी में चुना गया।
  • पुस्तक जेल सुधारों और कैदियों के जीवन की सच्चाई पर आधारित है।
  • न्यायमूर्ति के. चंद्रू ने इस पुस्तक की प्रस्तावना लिखी है।

तमिलनाडु के एक आजीवन कारावास के कैदी, सी. सेल्वम ने साहित्य की दुनिया में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। उनकी लिखी पुस्तक 'ओरु थूकू कैथियिन वाकुमूलम' (मृत्युदंड के कैदी की गवाही) को कनाडा स्थित 'तमिल लिटरेरी गार्डन' द्वारा प्रतिष्ठित इयाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह संभवतः इतिहास में पहली बार है कि किसी ऐसे लेखक को यह सम्मान मिला है जो पिछले 32 वर्षों से जेल की दीवारों के पीछे जीवन बिता रहा है।

सेल्वम, जो वर्तमान में वेल्लोर जेल में निरुद्ध हैं और अभी पैरोल पर हैं, ने अपनी इस सफलता का श्रेय पुस्तकों के प्रति अपने प्रेम को दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं इसे मेरी पढ़ाई का पुरस्कार मानता हूं। मैं कक्षा 9 से आगे नहीं पढ़ सका था, लेकिन जेल में इन सभी वर्षों में पढ़ने की आदत ने ही मुझे जीवित रखा है।" कन्याकुमारी जिले के थेंथमराईकुलम के रहने वाले सेल्वम के पसंदीदा लेखकों में सुंदर रामस्वामी और जयमोहन जैसे दिग्गज शामिल हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पुरस्कार केवल एक साहित्यिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह जेल प्रणाली और न्याय व्यवस्था के प्रति एक गहरा विमर्श भी पैदा करता है। सेल्वम की यह कृति अपराध थ्रिलर से भी अधिक प्रभावशाली है क्योंकि यह जेल सुधारों की पुरजोर वकालत करती है। इस पुस्तक ने न केवल पाठकों को बल्कि कानूनी जगत और न्यायाधीशों को भी गहराई से प्रभावित किया है।

"सेल्वम ने जो लिखा है वह सत्य है, और यही कारण है कि मैंने इस पुस्तक की प्रस्तावना लिखने का निर्णय लिया।" - न्यायमूर्ति के. चंद्रू

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सेल्वम और उनके साथियों ने 1994 में एक हत्या के मामले में नगेरकोइल की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया था। शुरुआत में उन्हें मृत्युदंड दिया गया था, लेकिन बाद में राष्ट्रपति द्वारा उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया। जेल के भीतर उनके गहन अध्ययन और पढ़ने के जुनून ने ही दिसंबर 2025 में इस संस्मरण को जन्म दिया।

इस पुस्तक के प्रकाशन में किझाक्कु पातिप्पगम के बद्री शेषद्रि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेल्वम को इस पुरस्कार के रूप में 1000 कनाडाई डॉलर भी प्राप्त होंगे। पुरस्कार समारोह के लिए सेल्वम को अपना एक प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए कहा गया है क्योंकि वह स्वयं जेल में हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सेल्वम को कौन सा पुरस्कार मिला है?
उत्तर: उन्हें कनाडा के तमिल लिटरेरी गार्डन द्वारा नॉन-फिक्शन श्रेणी में 'इयाल पुरस्कार' दिया गया है।

प्रश्न 2: उनकी पुस्तक का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: पुस्तक जेल सुधारों और कारागार के भीतर के वास्तविक जीवन के अनुभवों का विवरण देती है।

Did You Know?: सेल्वम की इस पुस्तक की प्रस्तावना प्रसिद्ध न्यायाधीश के. चंद्रू ने लिखी है, जो इसकी सत्यता और गहराई को प्रमाणित करती है।