अभिनेता यश ने फिल्म 'टॉक्सिक' में महिलाओं के चित्रण को लेकर हो रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ट्रेलर पूरी फिल्म का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता है और फिल्म में महिलाओं की सशक्त आवाज है।

  • यश ने फिल्म 'टॉक्सिक' में महिलाओं के चित्रण पर उठ रहे सवालों का बचाव किया।
  • उन्होंने कहा कि ट्रेलर फिल्म की वास्तविक गहराई और महिला पात्रों के दृष्टिकोण को नहीं दिखाता है।
  • यश ने निर्देशक गीतू मोहनदास के विजन और उनके संघर्ष की सराहना की।
  • फिल्म 26 अगस्त को दुनिया भर में रिलीज होने वाली है।

हैदराबाद के मल्ला रेड्डी विश्वविद्यालय में आयोजित 'टॉक्सिक' के प्री-रिलीज़ इवेंट के दौरान, सुपरस्टार यश ने फिल्म के ट्रेलर को लेकर हो रहे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। फिल्म में महिलाओं के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए, यश ने स्पष्ट किया कि ट्रेलर केवल एक झलक है और फिल्म के भीतर महिलाओं के लिए एक मजबूत और महत्वपूर्ण आवाज मौजूद है।

यश ने फिल्म की प्रकृति पर चर्चा करते हुए इसे 'बोल्ड', 'ओरिजिनल' और 'महत्वाकांक्षी' बताया। उन्होंने दर्शकों को आगाह किया कि यह केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि एक ऐसी फिल्म है जो मानवीय रिश्तों के मनोवैज्ञानिक पहलुओं और जीवन के कठिन कोनों को छूती है। उन्होंने कहा, "कला को आपको असहज करने वाले सवाल पूछने के लिए मजबूर करना चाहिए, और 'टॉक्सिक' वही करती है।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय सिनेमा में मुख्यधारा की फिल्मों द्वारा महिलाओं को दिखाने के तरीके पर एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। 'टॉक्सिक' का 'A' सर्टिफिकेट प्राप्त होना और इसके विवादास्पद संगीत ने इस बहस को और तेज कर दिया है। यश का इस तरह से निर्देशक का समर्थन करना यह दर्शाता है कि बड़े सितारे अब केवल व्यावसायिक फॉर्मूला के बजाय रचनात्मक जोखिम लेने वाली महिला निर्देशकों के साथ काम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

"समाज अक्सर महिलाओं के संघर्ष को कम आंकता है, लेकिन यह फिल्म उनके विजन और सफलता की कहानी कहने का प्रयास है।"

यश ने महिला सशक्तिकरण पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को समाज में अपनी जगह बनाने के लिए दोगुना संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने अपनी स्वयं की यात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे 'KGF' के बाद उन पर बड़े निर्देशकों के साथ काम करने का दबाव था, लेकिन उन्होंने अपनी पसंद और काम के सम्मान को प्राथमिकता दी।

फिल्म की मुख्य अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने भी निर्देशक गीतू मोहनदास की जमकर तारीफ की। कियारा ने कहा कि गीतू के मार्गदर्शन के बिना उनके किरदार 'नादिया' में जान फूंकना संभव नहीं होता। वहीं, हुमा कुरैशी ने इस फिल्म का हिस्सा बनने को "इतिहास का हिस्सा बनना" बताया।

Did You Know?: 'टॉक्सिक' को एक "वयस्कों के लिए परी कथा" (A fairy tale for grown-ups) के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. फिल्म 'टॉक्सिक' कब रिलीज हो रही है?
फिल्म 26 अगस्त को कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, तमिल, अंग्रेजी और मलयालम सहित कई भाषाओं में रिलीज होगी।

2. विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद फिल्म के ट्रेलर और 'तबाही' गाने में महिलाओं के चित्रण और उनके चित्रण की प्रकृति को लेकर है।