दक्षिण भारतीय अभिनेत्री शकीला ने बताया कि मोबाइल और प्लेस्टेशन पर घंटे‑घंटे गेम खेलने से उनकी गर्दन में डिस्क की समस्या हुई, जिससे उन्हें टाइटेनियम चिप वाली सर्जरी करवानी पड़ी। उन्होंने स्क्रीन टाइम घटाने की चेतावनी भी दी।

  • शकीला को गर्दन की दर्द से बचने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ी
  • सर्जरी में टाइटेनियम चिप और स्क्रू लगाए गए, लागत 3 लाख रुपये
  • अभिनेत्री ने अत्यधिक स्क्रीन टाइम के खतरों पर चेतावनी दी

हैदराबाद, 24 अगस्त 2026 – दक्षिण भारतीय फिल्मी सितारा शकीला ने मिलस्टोन मेकर्स के साथ अपने हालिया साक्षात्कार में बताया कि मोबाइल, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और प्लेस्टेशन पर लगातार 4‑5 घंटे गेम खेलने से उनकी गर्दन में डिस्क की समस्या उत्पन्न हुई।

“मैं बिस्तर में बगल की ओर लेटे हुए घंटों तक गेम खेलती थी और वीडियो देखती थी। यह लगातार एक ही स्थिति में रहने से मेरे सर्वाइकल स्पाइन पर असर पड़ा,” उन्होंने कहा। दर्द तीव्र होने पर डॉक्टरों ने सर्जरी को एकमात्र समाधान बताया।

सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने दो कशिकाओं के बीच टाइटेनियम चिप डाली और स्क्रू लगाकर क्षेत्र को स्थिर किया। शकीला ने बताया कि यह प्रक्रिया 3 लाख रुपये की हुई और “अत्यधिक खर्च और दर्द दोनों ही अनावश्यक थे।”

शकीला ने इस अनुभव को उपयोग करके अपने दर्शकों को मोबाइल एवं वीडियो कंटेंट के उपयोग में सतर्क रहने की सलाह दी। “फोन केवल आवश्यक कामों के लिए इस्तेमाल करें, अनावश्यक वीडियो देखना बंद करें, अन्यथा आप भी 3 लाख खर्च कर सकते हैं और दर्द सहेंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

शकीला का जन्म नेल्लोर, आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने शुरुआती करियर में सॉफ्टकोर फ़िल्मों से शुरुआत की, परंतु निर्देशक आर.जे. प्रसाद की फिल्म किन्नर थम्बिकल से उन्हें बड़ी सफलता मिली, जो 4 करोड़ रुपये की कमाई कर के स्थानीय सिनेमा में एक नई लहर (शकीला तरंग) लेकर आई। इस सफलता ने उन्हें मलयालम सिनेमा की प्रमुख महिला स्टार बना दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that rising screen addiction among youth is leading to a surge in musculoskeletal disorders, and celebrity disclosures like Shakila’s can significantly influence public health awareness and parental monitoring practices.

“लगातार एक ही मुद्रा में रहने से सर्वाइकल डिस्क में प्रॉब्लम हो सकता है; इसे रोकने के लिए नियमित ब्रेक और सही पोस्चर आवश्यक है,” एक ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ ने कहा।
Did You Know?: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग से युवा में कंधे‑गर्दन दर्द की दर 30% तक बढ़ सकती है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या स्क्रीन टाइम कम करने से गर्दन के दर्द से बचा जा सकता है?

Ans: हाँ, नियमित ब्रेक, सही पोस्चर और व्यायाम दर्द को कम कर सकते हैं।

Q2: टाइटेनियम चिप सर्जरी में कितनी सफलता दर होती है?

Ans: अधिकांश मामलों में यह स्थायी स्थिरता प्रदान करती है और पुनरावृत्ति की संभावना कम होती है।