तापसी पन्नू की नई नेटफ़्लिक्स फिल्म 'गंधारी' को लेखक कल्याण बंडी ने अपने 2019 के कॉन्सेप्ट से मिलती‑जुलती बताकर कॉपीराइट मुद्दा उठाया है। कणिका धिलॉन की प्रोडक्शन कंपनी ने इसे पूर्णतः मूल कार्य कहा है।

  • लेखक कल्याण बंडी का दावा कि 'गंधारी' उनका मूल विचार है
  • कणिका धिलॉन की काथा पिक्चर्स ने दावे को झूठा ठहराया
  • फिल्म का रिलीज़ 3 सितंबर को नेटफ़्लिक्स पर तय

विवाद की पृष्ठभूमि

तापसी पन्नू की नेटफ़्लिक्स पर आने वाली फ़िल्म गंधारी को लेखक कल्याण बंडी ने 2019 में लिखे और रजिस्टर्ड किए गए समान शीर्षक वाले कहानी से मिलते‑जुलते होने का आरोप लगाया है। बंडी, जो आईआईटी मदरास स्नातक और सेंट्रल जीएसटी व कस्टम्स इंस्पेक्टर हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी कहानी मोनिका शेरगिल को लिंक्डइन के ज़रिए भेजी थी, जो तब वूट में थीं और अब नेटफ़्लिक्स की उपाध्यक्ष हैं।

बंडी का दावा और कानूनी नोटिस

बंडी ने कहा कि उन्होंने 2025 में एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें ₹40 लाख की मुआवजा माँगी और अपने विचार को मान्यता देने की अपील की। उन्होंने बताया कि नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला और वे आर्थिक कारणों से मुकदमा नहीं कर पाए।

काथा पिक्चर्स की प्रतिक्रिया

कणिका धिलॉन की प्रोडक्शन हाउस काथा पिक्चर्स ने सभी आरोपों को “असत्य” और “झूठा” कहा। उन्होंने कहा कि गंधारी उनका मौलिक कार्य है, जिसका लेखन और निर्माण पूरी तरह से धिलॉन द्वारा किया गया है। कंपनी ने मीडिया और जनता से आग्रह किया कि इन अफवाहों को सत्य नहीं मानें।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that इस तरह के कॉपीराइट विवाद भारतीय OTT उद्योग में रचनात्मक अधिकारों की सुरक्षा और प्रोडक्शन हाउसों की जिम्मेदारी को उजागर करते हैं, जिससे भविष्य में अधिक पारदर्शी पिच प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी।

"बुद्धिमत्ता और अधिकार दोनों को संतुलित करना ही सच्ची रचनात्मक स्वतंत्रता है," कहते हैं कॉपीराइट वकील अनीता सिंह।
Did You Know?: नेटफ़्लिक्स ने 2020 के बाद से भारत में 30 से अधिक मूल फ़िल्में रिलीज़ की हैं, जिनमें से कई ने अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या बंडी ने वास्तव में अपनी कहानी को पंजीकृत किया था?
उत्तर: हाँ, उन्होंने 2019 में स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन के साथ पंजीकरण कराया था।

प्रश्न 2: क्या इस मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी?
उत्तर: वर्तमान में बंडी ने आर्थिक कारणों से मुकदमा नहीं किया है, लेकिन भविष्य में नई साक्ष्य मिलने पर मामला फिर से खुल सकता है।