रिडले स्कॉट द्वारा निर्देशित 'द डॉग स्टार्स' एक थकाऊ और बेजान पोस्ट-एपोकैलिप्टिक कहानी बनकर रह गई है। पीटर हेलर के उपन्यास पर आधारित यह फिल्म $110 मिलियन के भारी बजट के बावजूद दर्शकों को बांधने में नाकाम रही है।
- रिडले स्कॉट का निर्देशन इस फिल्म में काफी सुस्त और बेजान महसूस होता है।
- जेकब एलोरडी और जोश ब्रोलिन जैसे बड़े सितारों के बावजूद कहानी में गहराई की कमी है।
- $110 मिलियन का विशाल बजट फिल्म के कमजोर विजुअल इफेक्ट्स और पटकथा में कहीं खो गया है।
अगस्त के फिल्म जगत में जहाँ कुछ बड़ी उम्मीदें थीं, वहीं रिडले स्कॉट की नवीनतम फिल्म 'द डॉग स्टार्स' (The Dog Stars) एक निराशाजनक अनुभव बनकर उभरी है। पीटर हेलर के 2012 के प्रशंसित उपन्यास पर आधारित यह फिल्म एक ऐसी दुनिया को दिखाने की कोशिश करती है जहाँ एक फ्लू महामारी ने मानवता का अधिकांश हिस्सा खत्म कर दिया है। हालांकि, फिल्म की गति और इसकी प्रस्तुति इतनी सुस्त है कि यह दर्शकों को शुरुआत से ही अलग कर देती है।
कहानी और पात्रों का संघर्ष
फिल्म की कहानी हायग (Jacob Elordi) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने कुत्ते जैस्पर और पूर्व मरीन बैंगले (Josh Brolin) के साथ कोलोराडो में एक सुरक्षित ठिकाने की रक्षा करता है। जहाँ हायग एक आशावादी व्यक्ति है, वहीं बैंगले अत्यधिक निराशावादी है। पटकथा लेखक मार्क एल स्मिथ ने इन दोनों के बीच के वैचारिक मतभेदों को बहुत ही स्पष्ट और कभी-कभी बोझिल तरीके से पेश किया है, जिससे पात्रों के बीच का स्वाभाविक तनाव महसूस नहीं होता।
कहानी में मोड़ तब आता है जब हायग एक यात्रा पर निकलता है और उसकी मुलाकात गाय पीयर्स और मार्गरेट क्वाली द्वारा निभाए गए पिता-पुत्री के किरदारों से होती है। उनके साथ 'रीपर्स' नामक खूंखार आक्रमणकारियों का खतरा भी जुड़ जाता है, लेकिन यह संघर्ष फिल्म को वह रोमांच देने में विफल रहता जिसकी उम्मीद की जा सकती थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि 'द डॉग स्टार्स' जैसी फिल्में एक बड़े संकट का सामना कर रही हैं। पोस्ट-एपोकैलिप्टिक सब-जॉनर (sub-genre) अब संतृप्त (saturated) हो चुका है। 'द वॉकिंग डेड' जैसे अनगिनत शो के बाद, दर्शकों को अब केवल जीवित रहने की कहानी नहीं, बल्कि कुछ नया और मौलिक चाहिए। रिडले स्कॉट जैसे दिग्गज निर्देशक का इस तरह के साधारण प्रोजेक्ट में शामिल होना फिल्म निर्माण की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
एक विशाल बजट और दिग्गज निर्देशक होने के बावजूद, फिल्म की आत्मा इसकी कमजोर पटकथा के कारण कहीं खो गई है।
अभिनय की बात करें तो जेकब एलोरडी का प्रदर्शन काफी सपाट रहा है। एक ऐसे किरदार को निभाना जो भावनाओं से घिरा हो, एक बड़ी चुनौती है, लेकिन एलोरडी केवल शून्य निगाहों के साथ अभिनय करते नजर आते हैं। वहीं, जोश ब्रोलिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन पटकथा उन्हें भी गहराई से जुड़ने का मौका नहीं देती।
तकनीकी खामियां और निर्देशन
फिल्म का बजट $110 मिलियन बताया गया है, लेकिन विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की गुणवत्ता देखकर हैरानी होती है। कुछ दृश्यों में विस्फोट इतने कृत्रिम लगते हैं जैसे उन्हें किसी साधारण लैपटॉप पर बनाया गया हो। रिडले स्कॉट का निर्देशन भी इस बार थोड़ा विचलित और उदासीन लगता है, जैसे वे इस प्रोजेक्ट के प्रति पूरी तरह समर्पित न हों।
Frequently Asked Questions
1. 'द डॉग स्टार्स' किस पर आधारित है?
यह फिल्म पीटर हेलर के 2012 के उपन्यास 'द डॉग स्टार्स' का रूपांतरण है।
2. क्या यह फिल्म देखने लायक है?
यदि आप पोस्ट-एपोकैलिप्टिक कहानियों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, तो शायद आप इसे देख सकते हैं, लेकिन यह एक उत्कृष्ट सिनेमाई अनुभव नहीं है।