90 के दशक के मशहूर अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने ही परिवार के सदस्यों के खिलाफ अलीगढ़ की पुश्तैनी संपत्ति में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि उनके दादा की वसीयत में फर्जी हस्ताक्षर कर उनके पिता को हक से वंचित किया गया।

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  • अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अलीगढ़ की पुश्तैनी जमीन के लिए परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
  • आरोप है कि दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह की वसीयत पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
  • विवादित संपत्ति के कुछ हिस्सों को कथित तौर पर पहले ही बेचा जा चुका है।
  • एक्टर की बुआ ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और 90 के दशक के स्टार चंद्रचूड़ सिंह ने हाल ही में एक गंभीर पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक किया है। अभिनेता ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित अपने पुश्तैनी गांव जलालपुर में स्थित जमीन के विवाद को लेकर अपने ही रिश्तेदारों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। यह मामला केवल संपत्ति का नहीं, बल्कि वसीयत में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी और जालसाजी का है।

चंद्रचूड़ सिंह का आरोप है कि उनके दादा, ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह, जो जलालपुर के बड़े जमींदार थे, उनकी वसीयत के साथ छेड़छाड़ की गई। अभिनेता के अनुसार, 1997 में जब उनके दादा की तबीयत बहुत खराब थी और वे हस्ताक्षर करने की स्थिति में नहीं थे, तब उनके चाचा गंगा सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने वसीयत पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। इस कथित धोखाधड़ी का उद्देश्य अभिनेता के पिता और दिवंगत कैप्टन बलदेव सिंह को उनकी वैध विरासत से वंचित करना था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that high-profile celebrity legal battles often reveal deep-seated systemic issues regarding ancestral property rights and the vulnerability of elderly patriarchs in legal documentation. This case highlights how legal loopholes in testamentary succession can lead to protracted familial litigation, even among the elite.

पारिवारिक संपत्तियों का यह विवाद कानूनी जटिलताओं और वसीयत की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शिकायत में विस्तार से बताया गया है कि विवादित वसीयत के आधार पर कई कीमती संपत्तियों को पिछले कुछ वर्षों में बेच दिया गया या अन्य लोगों के नाम कर दिया गया। अभिनेता ने अपनी शिकायत में बुआ गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य व्यक्तियों को नामजद किया है। हालांकि, इस मामले में संघर्ष जारी है क्योंकि उनकी बुआ गंगा देवी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अलीगढ़ का जलालपुर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से बड़े जमींदारों का गढ़ रहा है। ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह का परिवार इस क्षेत्र के प्रभावशाली परिवारों में से एक था। पुश्तैनी जमीन का यह विवाद अब कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें वसीयत की वैधता और 1997 की घटनाओं की पुनः जांच की मांग की जा रही है।

चंद्रचूड़ सिंह, जिन्हें शाहरुख खान के साथ काम करने के लिए भी जाना जाता है, ने हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म 'कठपुतली' में अभिनय किया था। फिलहाल, उनका ध्यान अपने करियर से हटकर इस कानूनी लड़ाई पर केंद्रित है। पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है जो इस धोखाधड़ी के दावे का आधार हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: चंद्रचूड़ सिंह ने किन पर आरोप लगाए हैं?
उत्तर: उन्होंने अपनी बुआ गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य रिश्तेदारों पर वसीयत में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

प्रश्न 2: विवाद किस संपत्ति को लेकर है?
उत्तर: यह विवाद उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित जलालपुर गांव में स्थित उनके दादा की पुश्तैनी जमीन को लेकर है।

Did You Know?: वसीयत में धोखाधड़ी के मामलों में 'हस्ताक्षर मिलान' (Signature Verification) एक महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है जो दशकों पुराने मामलों को भी सुलझा सकता है।