अभिनेत्री मौनी रॉय ने अपने करियर के शुरुआती दिनों, अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों और सेट पर हुए डरावने अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक इत्तेफाक ने उन्हें टीवी की दुनिया का चमकता सितारा बना दिया।
- मौनी रॉय ने मिरांडा हाउस से इंग्लिश ऑनर्स और जामिया से मास कम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की है।
- एकता कपूर की टीम ने उन्हें यूनिवर्सिटी के बाहर सड़क पर चलते हुए देखा और कास्ट किया।
- 'देवों के देव महादेव' के सेट पर असली सांपों को देखकर वह डर के मारे दीवार फांदकर भागी थीं।
- उनके करियर में निभाए गए अधिकांश किरदारों के नाम देवियों से प्रेरित रहे हैं।
ग्लैमर और स्टाइल की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकीं मौनी रॉय ने हाल ही में फराह खान के साथ एक यूट्यूब वीडियो में अपने जीवन के उन पहलुओं को उजागर किया, जिनसे उनके प्रशंसक अब तक अनजान थे। मौनी ने बताया कि अभिनय उनके लिए कभी प्राथमिक योजना नहीं थी। वह एक गंभीर छात्रा थीं जिन्होंने मिरांडा हाउस से इंग्लिश ऑनर्स में प्रथम श्रेणी प्राप्त की और फिर जामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री ली।
एक इत्तेफाक जिसने जिंदगी बदल दी
मौनी के करियर की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने याद किया कि जब वह अपनी यूनिवर्सिटी के बाहर चल रही थीं, तब एकता कपूर की टीम के एक सदस्य ने उन्हें देखा और उनके कंधे पर हाथ रखकर उन्हें अभिनय के अवसर के बारे में बताया। इसी मुलाकात ने उन्हें मशहूर शो 'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी' तक पहुँचाया, जहाँ उन्होंने 'कृष्णा तुलसी' की भूमिका निभाई और स्मृति ईरानी जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ काम करने का मौका मिला।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि मौनी रॉय का सफर इस बात का प्रमाण है कि शैक्षणिक योग्यता और कला का संगम एक कलाकार को अधिक गहराई प्रदान करता है। उनका यह खुलासा कि वह केवल कुछ महीनों के लिए मुंबई आई थीं, लेकिन शहर के प्यार में पड़कर 19 साल बिता दिए, यह दर्शाता है कि कैसे अवसर और जुनून करियर की दिशा बदल देते हैं।
"मौनी रॉय का सफर यह साबित करता है कि किस्मत और प्रतिभा जब मिलते हैं, तो साधारण शुरुआत भी असाधारण परिणाम देती है।"
सांपों का खौफ और देवियों के किरदार
मौनी ने अपने करियर में एक दिलचस्प पैटर्न नोटिस किया है। उन्होंने बताया कि चाहे वह 'सती' हो, 'मीरा' हो, 'शिवन्या' हो या 'शिवांगी', उनके लगभग सभी किरदारों के नाम देवियों से जुड़े रहे हैं। यहाँ तक कि फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में उनका किरदार 'जुनून' भी माँ काली से प्रेरित था।
वहीं, 'देवों के देव महादेव' के सेट का एक किस्सा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें सांपों से बहुत डर लगता है। टीम ने उन्हें नहीं बताया था कि सेट पर असली सांप लाए गए हैं। जैसे ही उन्होंने सांप को अपनी ओर आते देखा, वह अपना भारी घाघरा उठाकर दीवारों के सहारे भाग निकलीं और तब तक वापस नहीं आईं जब तक सांपों को हटाया नहीं गया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मौनी रॉय की शिक्षा क्या है?
उत्तर: मौनी ने मिरांडा हाउस से इंग्लिश ऑनर्स और जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है।
प्रश्न 2: मौनी रॉय का पहला टीवी शो कौन सा था?
उत्तर: उनका पहला बड़ा ब्रेक 'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी' शो से मिला था।