मशहूर अभिनेत्री पर्वathy तिरुवोथु ने 'विमेन इन सिनेमा कलेक्टिव' (WCC) के गठन के दौरान झेले गए संघर्षों और फिल्म उद्योग में व्याप्त पितृसत्तात्मक मानसिकता पर खुलकर बात की है।
- पर्वathy तिरुवोथु ने WCC के गठन के दौरान करियर खत्म होने के जोखिम को स्वीकार किया।
- मलयालम फिल्म उद्योग में महिला कलाकारों के प्रति दोहरे मानदंडों और भेदभाव का आरोप लगाया।
- पावर ग्रुप्स द्वारा दी गई धमकियों को 'खोखला' बताया और निडरता से अपनी बात रखने का संकल्प लिया।
मलयालम सिनेमा की सशक्त अभिनेत्री पर्वathy तिरुवोथु ने हाल ही में एक साक्षात्कार में उन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का वर्णन किया, जिनका सामना उन्हें विमेन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) के गठन के दौरान करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने और उनके साथियों ने इस संगठन की नींव रखी, तो वे पूरी तरह जानते थे कि फिल्म उद्योग के शक्तिशाली समूह उन्हें काम से बाहर कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने न्याय और समानता के लिए इस जोखिम को स्वीकार किया।
WCC की स्थापना नवंबर 2017 में केरल में एक अभिनेत्री के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले के बाद की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य फिल्म उद्योग में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना था। पर्वathy ने साझा किया कि उन्हें बार-बार यह महसूस कराया गया कि वे उद्योग के प्रभावशाली लोगों के बिना जीवित नहीं रह सकते, लेकिन समय के साथ उन्हें अहसास हुआ कि सिनेमा इन 'पावर ग्रुप्स' के बिना भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Parvathy's stance is not just about cinema, but a broader battle against deep-rooted patriarchy in the creative arts. Her refusal to be intimidated signals a shift in how female professionals in regional cinema view systemic power structures, encouraging a new generation to prioritize ethics over industry 'favors'.
"जिन लोगों के पास खोने के लिए कुछ नहीं होता, उन्हें डराया नहीं जा सकता।"
पर्वathy ने उद्योग में व्याप्त लैंगिक असमानता (Gender Inequality) पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने तर्क दिया कि जहाँ पुरुष निर्देशकों और अभिनेताओं को कई असफल फिल्मों के बाद भी बार-बार मौके दिए जाते हैं, वहीं महिला कलाकारों को एक ही असफलता के बाद किनारे कर दिया जाता है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि उद्योग में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण अभी भी अत्यंत कठोर और पूर्वाग्रह से ग्रसित है।
साइबर हमलों और ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करने के बावजूद, पर्वathy ने कहा कि उन्हें अपने स्टैंड पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने उन लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें डराने की कोशिश की, क्योंकि उन 'खोखली धमकियों' ने उन्हें और अधिक साहसी बना दिया।
| श्रेणी | पुरुष कलाकार/निर्देशक | महिला कलाकार/निर्देशक |
|---|---|---|
| असफलता के बाद अवसर | बार-बार मौके मिलते हैं | एक असफलता पर किनारे कर दिए जाते हैं |
| पावर स्ट्रक्चर का प्रभाव | समर्थन प्राप्त होता है | प्रतिरोध और धमकियों का सामना करना पड़ता है |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: WCC का गठन क्यों किया गया था?
उत्तर: WCC का गठन नवंबर 2017 में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया था।
प्रश्न 2: पर्वathy तिरुवोथु की आगामी फिल्म कौन सी है?
उत्तर: पर्वathy तिरुवोथु की फिल्म 'प्रधमा दृष्टि कट्टक्कर' 11 सितंबर को रिलीज होने जा रही है।