कंतारा फेम संगीतकार अजनीश लोकनाथ ने यश की फिल्म 'टॉक्सिक' की आलोचनाओं का जवाब देते हुए दर्शकों से अपील की है कि वे रिव्यू के बजाय खुद फिल्म का अनुभव करें। उन्होंने तर्क दिया कि आज के दौर में 'लगान' जैसी क्लासिक फिल्म को भी 'बोरिंग' कहा जा सकता था।
- अजनीश लोकनाथ ने 'टॉक्सिक' के नकारात्मक रिव्यूज़ के बीच यश के अभिनय और फिल्म के प्रयास की सराहना की।
- संगीतकार ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के 'गैर-जिम्मेदार' रिव्यूज़ फिल्म निर्माण से जुड़े सैकड़ों तकनीशियनों के करियर को प्रभावित करते हैं।
- उन्होंने 'लगान' का उदाहरण देते हुए कहा कि आधुनिक युग के रिव्यू कल्चर में महान फिल्में भी खारिज की जा सकती हैं।
प्रसिद्ध संगीतकार अजनीश लोकनाथ, जिन्हें 'कंतारा' और 'महाराजा' जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, ने यश और गीतु मोहनदास की फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। फिल्म को मिली मिली-जुली और कुछ हद तक नकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद, अजनीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि वे केवल समीक्षाओं के आधार पर अपनी राय न बनाएं।
अजनीश ने स्पष्ट किया कि हालांकि फिल्म के कुछ हिस्से उन्हें पूरी तरह पसंद नहीं आए, लेकिन कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन प्रयास है। उन्होंने विशेष रूप से यश के अभिनय की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने जिस तरह के चरित्र और कहानी को चुना है, वह सराहनीय है। उनका मानना है कि सिनेमा एक व्यक्तिगत अनुभव है और हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद आधुनिक सिनेमाई संस्कृति में 'इंस्टेंट रिव्यू' और 'सोशल मीडिया ट्रायल' के प्रभाव को दर्शाता है। जब कोई बड़ी फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो केवल स्टार्स ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले सैकड़ों तकनीशियन मानसिक और आर्थिक दबाव झेलते हैं। अजनीश का यह बयान फिल्म उद्योग में रचनात्मक स्वतंत्रता और दर्शकों के धैर्य के बीच के संघर्ष को उजागर करता है।
"रिव्यू केवल एक राय होते हैं, वे आपका व्यक्तिगत अनुभव नहीं हो सकते; सिनेमा को थिएटर के अंधेरे में महसूस करना चाहिए, न कि स्मार्टफोन की स्क्रीन पर पढ़ना चाहिए।"
अपनी दलील को मजबूत करने के लिए, अजनीश ने साल 2001 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'लगान' का उदाहरण दिया। उन्होंने कल्पना की कि यदि आमिर खान की यह फिल्म आज के सोशल मीडिया युग में रिलीज होती, तो लोग इसे 'धीमी' (lag) या 'बोरिंग' कहकर खारिज कर देते और पूरी कहानी को केवल एक क्रिकेट मैच तक सीमित कर देते। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे गैर-जिम्मेदार विचारों के कारण हम एक महान फिल्म देखने से वंचित रह सकते थे।
बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों की बात करें तो, 'टॉक्सिक' ने भारत में छठे दिन लगभग 7.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो रविवार के 23 करोड़ के मुकाबले काफी गिरावट है। हालांकि, फिल्म दुनिया भर में 304.05 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो इसकी शुरुआती पकड़ को दर्शाता है।
| विवरण | आंकड़े (अनुमानित) |
|---|---|
| वर्ल्डवाइड कलेक्शन | ₹304.05 करोड़ |
| इंडिया नेट कलेक्शन | ₹221.55 करोड़ |
| छठे दिन की गिरावट | 67.6% |
Frequently Asked Questions
1. अजनीश लोकनाथ ने 'टॉक्सिक' का बचाव क्यों किया?
उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रति नकारात्मक रिव्यूज़ उन सैकड़ों तकनीशियनों को प्रभावित करते हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत की है, और दर्शकों को खुद फिल्म देखकर निर्णय लेना चाहिए।
2. 'टॉक्सिक' फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कैसा रहा है?
फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि हाल के दिनों में इसके कलेक्शन में गिरावट देखी गई है।