दक्षिण भारतीय संगीत जगत ने माप्पिलापट्टु के दिग्गज कोझिकोड अबूबकर को खो दिया है, जिन्होंने 3,000 से अधिक गीतों की रचना की। 'अवुक्काका' के नाम से मशहूर अबूबकर ने केरल के मालाबार क्षेत्र की लोक परंपराओं में अमिट छाप छोड़ी है।
- दिग्गज संगीतकार और तबला वादक कोझिकोड अबूबकर का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
- उन्होंने 3,000 से अधिक गीतों की रचना की, जिसमें मालाबार लोक धुनों का अद्भुत मिश्रण था।
- उनके करियर की शुरुआत एम.एस. बाबूराज के मार्गदर्शन में हुई थी।
केरल का सांस्कृतिक परिदृश्य उस समय शोक में डूब गया जब मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कोझिकोड अबूबकर, जिन्हें प्यार से 'अवुक्काका' कहा जाता था, का निधन हो गया। 80 वर्ष की आयु में, इस महान कलाकार ने माप्पिलापट्टु (केरल के मालाबार क्षेत्र की पारंपरिक मुस्लिम लोक गायन शैली) की परिभाषा बदल दी। संगीत के प्रति उनका जुनून अंतिम समय तक बना रहा; बताया जाता है कि स्ट्रोक के कारण बिस्तर पर पड़ने से ठीक दो दिन पहले उन्होंने एक नई धुन तैयार की थी।
दशकों लंबे अपने शानदार करियर के दौरान, अबूबकर ने 3,000 से अधिक गीतों की रचना की। उनकी रचनाएं केवल क्षेत्रीय हिट नहीं थीं, बल्कि दक्षिण भारत के सांस्कृतिक प्रसारणों और मंच प्रदर्शनों का अभिन्न हिस्सा बन गईं। उनकी विशेषता यह थी कि वे पारंपरिक लोक धुनों को जटिल संगीत संरचनाओं के साथ जोड़ने में सक्षम थे।
उनके प्रभाव की गहराई इस बात से पता चलती है कि मलयालम सिनेमा के दिग्गज गायक जैसे जी. वेणुगोपाल, मिनमिनी और एम.जी. श्रीकुमार ने उनकी धुनों को अपनी आवाज दी। मालाबार की लोक लय और आधुनिक संगीत के बीच सामंजस्य बिठाने की उनकी क्षमता ने उन्हें व्यापक आलोचनात्मक प्रशंसा दिलाई।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि कोझिकोड अबूबकर का निधन केवल एक संगीतकार का जाना नहीं है, बल्कि मालाबार की मिश्रित संस्कृति के एक जीवित पुस्तकालय का खोना है। माप्पिलापट्टु इस क्षेत्र की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और अबूबकर इसके मुख्य संरक्षक थे। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि डिजिटल पॉप संगीत के दौर में भी पारंपरिक लय जीवित रहे।
"अबूबकर ने केवल गीत नहीं लिखे, बल्कि उन्होंने लय और धुन के माध्यम से मालाबार तट की आत्मा को संजोया।"
संगीतकार के अलावा, अबूबकर एक असाधारण तबला वादक भी थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महान संगीतकार एम.एस. बाबूराज के संगीत समूह से की थी। इसके बाद, वे जी. देवराजन मास्टर और बॉम्बे रवि जैसे भारतीय फिल्म संगीत के दिग्गजों के पसंदीदा लय संगतकार बने।
व्यक्तिगत स्तर पर, अबूबकर का दिवंगत दिग्गज अभिनेता मामुकोया के साथ गहरा और आजीवन मित्रतापूर्ण संबंध था। दोनों बचपन में कोझिकोड में एक ही स्कूल में पढ़े थे, जो इस क्षेत्र के कलाकारों के बीच के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माप्पिलापट्टु क्या है?
माप्पिलापट्टु केरल के मालाबार क्षेत्र की एक पारंपरिक मुस्लिम लोक गीत शैली है, जिसमें स्थानीय और मध्य पूर्वी संगीत प्रभावों का मिश्रण होता है।
अबूबकर के गीतों को किन प्रमुख गायकों ने गाया?
जी. वेणुगोपाल, एम.जी. श्रीकुमार और मिनमिनी जैसे प्रमुख गायकों ने उनकी रचनाओं को गाया है।