भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी ने एक इंटरव्यू में रवि किशन के दावों को खारिज करते हुए उनके शुरुआती करियर की कमाई और संघर्ष का मजाक उड़ाया है। दोनों दिग्गजों के बीच की यह जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।

  • मनोज तिवारी ने रवि किशन के उस दावे को नकारा कि उन्होंने तिवारी को एक्टिंग में लाया।
  • तिवारी ने दावा किया कि जब वह प्रतिदिन लाखों कमाते थे, तब रवि किशन महीने के केवल 25 हजार रुपये कमाते थे।
  • मनोज तिवारी ने अपनी पहली फिल्म की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि 30 लाख के बजट वाली फिल्म ने 48 करोड़ का बिजनेस किया।

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दो सबसे बड़े नाम, मनोज तिवारी और रवि किशन, जो अब राजनीति में भी सक्रिय हैं, उनके बीच की प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में 'जिंगाबाद' के साथ एक बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने रवि किशन के उन दावों पर पलटवार किया, जिनमें रवि अक्सर यह कहते हैं कि उन्होंने मनोज तिवारी को गायन से अभिनय की दुनिया में कदम रखने में मदद की थी।

मनोज तिवारी ने इन दावों को 'फालतू' बताते हुए कहा कि रवि किशन की बातों में 90 प्रतिशत सच्चाई नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 1996 में ही इंडस्ट्री में आ चुके थे, जबकि रवि किशन का आगमन बाद में हुआ। विवाद तब और गहरा गया जब ब्लैक कॉफी पीने की आदत पर चर्चा हुई। रवि किशन के इस दावे पर कि उन्होंने तिवारी को ब्लैक कॉफी पीना सिखाया, मनोज ने तंज कसते हुए कहा, "मेरे कारण ही ये लोग ब्लैक कॉफी पीने लायक बन गए हैं।"

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this public spat is not just about personal ego but reflects the deep-rooted competitive nature of the Bhojpuri film industry's golden era. By highlighting the financial disparity of the early 2000s, Manoj Tiwari is attempting to establish a narrative of professional superiority and seniority over Ravi Kishan.

तिवारी ने विस्तार से बताया कि साल 2002 के दौरान जब वह एक दिन का 1.5 से 2 लाख रुपये चार्ज करते थे, तब रवि किशन पूरे महीने काम करके मुश्किल से 25 हजार रुपये कमा पाते थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि रवि किशन की शुरुआती फिल्में अक्सर घाटे में रहती थीं, जहाँ 15 लाख के बजट पर केवल 12 लाख की रिकवरी होती थी।

भोजपुरी सिनेमा के सितारों का राजनीति में प्रवेश करने के बाद भी अपनी फिल्मी विरासत और वर्चस्व की लड़ाई लड़ना यह दर्शाता है कि स्टारडम की भूख कभी खत्म नहीं होती।

मनोज तिवारी ने अपनी व्यावसायिक सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पहली फिल्म, जो मात्र 30 लाख रुपये में बनी थी, उसने बॉक्स ऑफिस पर 48 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया था। उन्होंने दावा किया कि जब वह प्रति फिल्म 80 लाख रुपये लेने लगे थे, तब रवि किशन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।

Did You Know?: भोजपुरी सिनेमा ने पिछले दो दशकों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, लेकिन इसके शुरुआती दौर में बजट और वितरण की भारी कमी थी।

करियर तुलना: मनोज तिवारी बनाम रवि किशन (दावों के अनुसार)

विवरणमनोज तिवारी (दावा)रवि किशन (दावा/संदर्भ)
शुरुआती कमाई1.5 - 2 लाख रुपये प्रतिदिन25 हजार रुपये प्रति माह
फिल्म बजट/कमाई30 लाख बजट $ ightarrow$ 48 करोड़ कमाई15 लाख बजट $ ightarrow$ 12 लाख रिकवरी
इंडस्ट्री प्रवेश1996बाद में

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य विवाद इस बात को लेकर है कि किसने किसे इंडस्ट्री में स्थापित किया और उस समय किसकी वित्तीय स्थिति और लोकप्रियता अधिक थी।

प्रश्न 2: मनोज तिवारी ने अपनी पहली फिल्म के बारे में क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि उनकी पहली फिल्म 30 लाख के बजट में बनी थी और उसने 48 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।