एक नई कॉफी-टेबल बुक 'द ओरिसन' ओडिशा की समृद्ध पाक विरासत, मंदिर की रसोइयों और जनजातीय परंपराओं का गहराई से अन्वेषण करती है। यह पुस्तक केवल व्यंजनों का संग्रह नहीं, बल्कि राज्य के इतिहास और संस्कृति का एक जीवंत दस्तावेज़ है।
- 'द ओरिसन' एक 350 पन्नों की कॉफी-टेबल बुक है जो ओडिशा की पाक विरासत को दर्शाती है।
- यह पुस्तक मंदिर के भोजन, घरेलू व्यंजनों और जनजातीय परंपराओं का विस्तृत विश्लेषण करती है।
- इसे अलका जेना, संदीप दास और पल्लवी दास की त्रिमूर्ति ने सह-लेखन किया है।
ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को अक्सर केवल जगन्नाथ परंपरा या कुछ सीमित व्यंजनों तक सीमित कर दिया जाता है। लेकिन हाल ही में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'द ओरिसन' (The Orissan) इस धारणा को चुनौती देती है। यह पुस्तक ओडिशा के उन अनछुए पहलुओं को सामने लाती है जहाँ भोजन, इतिहास और संस्कृति एक दूसरे में गुंथे हुए हैं।
इस परियोजना की शुरुआत 2023 में पल्लवी दास के एक विचार से हुई, जो न्यूयॉर्क में रहती हैं। उन्होंने अपने पिता संदीप दास और भुवनेश्वर की अलका जेना के साथ मिलकर इस विजन को हकीकत में बदला। यह पुस्तक केवल एक रेसिपी बुक नहीं है, बल्कि एक 'पीढ़ियों के बीच संवाद' है, जो प्रवासी भारतीयों और स्थानीय लोगों, दोनों को ओडिशा की जड़ों से जोड़ती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह पुस्तक केवल खान-पान के बारे में नहीं है, बल्कि यह 'सॉफ्ट पावर' के माध्यम से क्षेत्रीय पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास है। जब हम भोजन को एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ के रूप में देखते हैं, तो हमें प्राचीन कलिंग के समुद्री व्यापार और उसके प्रभावों का पता चलता है।
पुस्तक के विभिन्न अध्याय ओडिशा के इतिहास, संस्कृति, मंदिर के भोग, पेय पदार्थ, चावल के व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों जैसे छेना पोड़ा और पहाला रसगुल्ला को समर्पित हैं। लेखकों ने यह दर्शाया है कि कैसे 'फार्म-टू-टेबल' की आधुनिक अवधारणा ओडिशा में सदियों से स्वाभाविक रूप से मौजूद रही है।
भोजन को एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ की तरह पढ़ा जा सकता है; एक व्यंजन या सामग्री सदियों से ओडिशा को आकार देने वाले परिदृश्यों और विश्वासों के सुराग दे सकती है।
लेखकों की टीम ने भुवनेश्वर के अनंत वासुदेव मंदिर से लेकर बलाकाटी के कांसे के शिल्प और यूनिट 4 मछली बाजार तक का सफर तय किया। उन्होंने यह पाया कि ओडिशा के भोजन की सादगी वास्तव में उसकी परिष्कृत समझ और मौसमी उत्पादों के पोषण के प्रति गहरे ज्ञान का परिणाम है। विशेष रूप से, किण्वन (fermentation) की कला ओडिशा के पाक कौशल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'द ओरिसन' पुस्तक किस बारे में है?
उत्तर: यह एक कॉफी-टेबल बुक है जो ओडिशा के इतिहास, संस्कृति और पाक विरासत का अन्वेषण करती है, जिसमें मंदिर के भोजन से लेकर जनजातीय व्यंजनों तक सब कुछ शामिल है।
प्रश्न 2: इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
उत्तर: इसे अलका जेना, संदीप दास और पल्लवी दास ने संयुक्त रूप से लिखा है।