प्रसिद्ध मूर्तिकार लतिका कट्ट की अंतिम कलाकृतियों की प्रदर्शनी 'Abandoned' दिल्ली की गैलरी थ्रेशोल्ड में आयोजित की जा रही है, जो प्रकृति और जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाती है। यह प्रदर्शनी उनके पत्थर तराशने के कौशल और प्रकृति के प्रति उनके गहरे लगाव का एक अनूठा संगम है।

  • लतिका कट्ट की अंतिम कलाकृतियों की प्रदर्शनी 'Abandoned' दिल्ली में प्रदर्शित है।
  • प्रदर्शनी में कांस्य (bronze) और पत्थर के साथ-साथ उनके निजी ग्रेफाइट रेखाचित्र भी शामिल हैं।
  • कलाकार का काम प्रकृति, क्षरण और जीवन की नश्वरता से गहराई से प्रेरित था।

दिल्ली की गैलरी थ्रेशोल्ड में वर्तमान में चल रही प्रदर्शनी 'Abandoned' केवल कला का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह महान मूर्तिकार लतिका कट्ट को एक भावुक विदाई है। यह प्रदर्शनी उन दो पहलुओं को उजागर करती है जिन्होंने उनके जीवन भर के अभ्यास को आकार दिया: कठिन शारीरिक श्रम और सूक्ष्म अवलोकन।

गैलरी में प्रवेश करते ही एक विशेष प्रकार की शांति का अनुभव होता है। यह शांति खालीपन की नहीं, बल्कि आत्मचिंतन की है, जो दर्शकों को कलाकृतियों के सामने रुकने और पत्थर पर उकेरे गए निशानों को महसूस करने के लिए मजबूर करती है। मुजफ्फर अली द्वारा निर्देशित एक फिल्म भी गैलरी में चल रही है, जो कलाकार के जीवन और उनके काम के प्रति जुनून को दर्शाती है।

कला और प्रकृति का अनूठा संगम

लतिका कट्ट, जिनका निधन 2025 में हुआ था, ने अपना पूरा जीवन पत्थर तराशने और कांस्य ढालने में बिताया। 'Abandoned' में उनके जीवन के अंतिम वर्षों में बनाई गई कृतियों को दिखाया गया है। इनमें मोम से ढले कांस्य रूपों को पत्थर के ब्लॉकों में समाहित किया गया है, जो किसी पुरातात्विक खुदाई से निकले अवशेषों की तरह प्रतीत होते हैं।

"मेरी मूर्तियाँ मेरे आस-पास जो कुछ भी हो रहा है और जो मेरे दिल और दिमाग को छूता है, उसके प्रति मेरी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं का समामेलन हैं।" - लतिका कट्ट

क्यूरेटर टुंटी चौहान के अनुसार, ये कार्य उनके जीवन के अंतिम दौर की शांति और प्रतिबिंब को दर्शाते हैं। लतिका का काम हमेशा से प्रकृति से प्रेरित रहा। बनारस में रहने के दौरान, वे कटाव (erosion), विकास और क्षय (decay) जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं से मंत्रमुग्ध रहती थीं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लतिका कट्ट जैसी महिला कलाकार का उदय भारतीय कला जगत में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। उस दौर में जब बहुत कम महिलाओं ने मूर्तिकला को अपना पेशा चुना था, उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई बल्कि पत्थर, संगमरमर, टेराकोटा और यहाँ तक कि गाय के गोबर जैसे विविध माध्यमों के साथ प्रयोग कर नए मानक स्थापित किए।

प्रदर्शनी में उनके निजी ग्रेफाइट रेखाचित्र भी शामिल हैं, जो उनके व्यक्तित्व के एक कोमल और शांत पक्ष को उजागर करते हैं। ये रेखाचित्र पानी पर गिरती रोशनी, पेड़ों की शाखाओं और बदलते परिदृश्यों को दर्शाते हैं, जो उनके बड़े स्मारकीय कार्यों के पीछे की सूक्ष्म प्रेरणा को प्रकट करते हैं।

Did You Know?: लतिका कट्ट ने मानव शरीर की बनावट को गहराई से समझने के लिए शवों (corpses) का अध्ययन तक किया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: लतिका कट्ट की यह प्रदर्शनी कहाँ और कब तक है?
उत्तर: यह प्रदर्शनी दिल्ली के सर्वोदय एन्क्लेव स्थित गैलरी थ्रेशोल्ड में 12 सितंबर तक देखी जा सकती है।

प्रश्न 2: उनकी कला का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: उनकी कला मुख्य रूप से प्रकृति, जीवन की क्षणभंगुरता और प्राकृतिक प्रक्रियाओं जैसे क्षरण और विकास पर आधारित थी।