कौन बनेगा करोड़पति 18 के मंच पर CRPF डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव ने अपनी वीरता की अविश्वसनीय कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक मुठभेड़ के दौरान उनकी जान पर बन आई थी और वे अपनी आंख खोने से बाल-बाल बचे।
- CRPF डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव ने KBC 18 के मंच पर अपनी वीरता की कहानी सुनाई।
- झारखंड के जंगलों में एक मुठभेड़ के दौरान कमांडेंट की जान बाल-बाल बची।
- मुठभेड़ में एक छर्रा उनकी आंख में लगा, जिससे वे अपनी दृष्टि खो सकते थे।
- उन्होंने CoBRA कमांडो की कठिन सर्वाइवल ट्रेनिंग के बारे में भी विस्तार से बताया।
सोनी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' (KBC 18) में इस बार मनोरंजन के साथ-साथ वीरता का एक ऐसा अध्याय खुला, जिसने दर्शकों और खुद होस्ट अमिताभ बच्चन को भी झकझोर कर रख दिया। शो की हॉट सीट पर पहुंचे CRPF डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव ने अपनी जीवन यात्रा और देश की सेवा में सामना किए गए घातक खतरों का आंखों देखा हाल सुनाया।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले मनोज कुमार यादव वर्तमान में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित CRPF इंटेलिजेंस स्कूल में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सेना की वर्दी पहनने का उनका सपना उनके परिवार की परंपरा से प्रेरित था। उनके नाना और मामा सभी फौज में थे, और उस वर्दी का सम्मान देखकर ही उन्होंने देश सेवा का संकल्प लिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस तरह के किस्से न केवल दर्शकों को प्रेरित करते हैं, बल्कि सुरक्षा बलों के कठिन जीवन और उनके द्वारा झेले जाने वाले जोखिमों के प्रति जन जागरूकता भी बढ़ाते हैं। मनोज कुमार यादव की कहानी केवल एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि उन हजारों जवानों के संघर्ष का प्रतीक है जो सीमाओं और जंगलों में हमारी रक्षा करते हैं।
"वर्दी का आकर्षण और समाज में मिलने वाला सम्मान ही वह शक्ति है जो एक सैनिक को मौत के मुंह से वापस आने की प्रेरणा देती है।"
मनोज ने अपने कठिन प्रशिक्षण के दिनों को याद करते हुए बताया कि CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) की ट्रेनिंग किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। जवानों को जीवित रहने के लिए जंगल में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें कभी-कभी सांप तक खाने पड़ते हैं ताकि वे बिना भोजन और पानी के भी खुद को तैयार रख सकें।
मुठभेड़ का सबसे रोमांचक और डरावना हिस्सा तब आया जब उन्होंने झारखंड के जंगलों में हुई अपनी मुठभेड़ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे एक साधारण वाहन में दुश्मन के ठिकाने की ओर बढ़े थे। जब उन्होंने दुश्मनों को सरेंडर करने को कहा, तो जवाबी फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान एक छर्रा (splinter) उनकी दाहिनी आंख में जा लगा। अगर वह रेटिना पर थोड़ा भी गहरा होता, तो वे अपनी आंख हमेशा के लिए खो सकते थे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मनोज कुमार यादव वर्तमान में किस पद पर तैनात हैं?
उत्तर: वे CRPF में डिप्टी कमांडेंट के रूप में गुरुग्राम स्थित इंटेलिजेंस स्कूल में तैनात हैं।
प्रश्न 2: मनोज कुमार यादव ने किन महत्वपूर्ण बटालियनों में सेवा दी है?
उत्तर: उन्होंने श्रीनगर में 79वीं बटालियन, झारखंड में CoBRA, अहमदाबाद में 100वीं RAF और झारखंड में 157वीं बटालियन में सेवा दी है।