निक्खल आडवाणी की आगामी सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' में प्रतिभा रंटा और रोहित सराफ ने उन स्वतंत्रता सेनानियों के किरदारों को निभाया है, जिन्हें इतिहास के पन्नों में भुला दिया गया था। जानें इस ऐतिहासिक सफर के बारे में।
- प्रतिभा रंटा और रोहित सराफ 'द रिवोल्यूशनरीज' में कम चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका निभा रहे हैं।
- यह सीरीज संजीव सान्याल की किताब 'Revolutionaries' पर आधारित है।
- रोहित सराफ ने अपने किरदार के लिए मल्लखंभ और कलारीपयट्टू जैसी कठिन ट्रेनिंग ली है।
- सीरीज 11 सितंबर को अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कुछ नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखे गए हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो इतिहास की मुख्यधारा से लगभग ओझल हो गए। निक्खल आडवाणी की आगामी सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' इन्हीं गुमनाम नायकों की गाथा को पर्दे पर लाने का एक साहसिक प्रयास है। इस सीरीज में मुख्य भूमिका निभा रहे कलाकार प्रतिभा रंटा और रोहित सराफ ने हाल ही में बताया कि कैसे इन किरदारों को जीवंत करना उनके लिए एक आंखें खोलने वाला अनुभव रहा।
यह सीरीज संजीव सान्याल की चर्चित पुस्तक 'Revolutionaries: The Other Story of How India Won Its Freedom' से प्रेरित है। इसमें 20वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ने वाले उन क्रांतिकारियों को दिखाया गया है, जिनका नाम अक्सर पाठ्यपुस्तकों के फुटनोट्स में ही मिलता है। प्रतिभा रंटा प्रतिभा लाहिरी की भूमिका में हैं, जबकि रोहित सराफ शचींद्रनाथ सान्याल के किरदार को पर्दे पर उतार रहे हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ और पात्रों का महत्व
सीरीज में रश् बिहारी बोस और बाघा जतिन जैसे बड़े नामों के साथ-साथ उन योद्धाओं को भी जगह दी गई है जिन्होंने पर्दे के पीछे से क्रांति की मशाल को जलाए रखा। रश् बिहारी बोस, जो वेश बदलने में माहिर थे, ने 1912 में दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम हमले की योजना बनाई थी। वहीं, बाघा जतिन बंगाल की गुप्त क्रांतिकारी संस्था 'जुगांतर' के संस्थापक सदस्य थे।
प्रतिभा रंटा ने बताया कि चूंकि प्रतिभा लाहिरी के बारे में ऐतिहासिक जानकारी सीमित है, इसलिए उन्हें उनके चरित्र को गढ़ने के लिए काफी रचनात्मक स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा, "हमें उस दौर की युवा महिला क्रांतिकारियों के बारे में पढ़ना पड़ा ताकि हम उनके व्यक्तित्व के सार को समझ सकें।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि 'द रिवोल्यूशनरीज' जैसी सीरीज न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विमर्श को भी नया आकार देती हैं। जब मुख्यधारा के सिनेमा में ऐसे अनसुने नायकों को जगह मिलती है, तो यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनता है।
"इन गुमनाम नायकों के साहस को देखना और उन्हें महसूस करना मेरे लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव था," - प्रतिभा रंटा।
रोहित सराफ ने अपने किरदार शचींद्रनाथ सान्याल के लिए एक जबरदस्त शारीरिक परिवर्तन किया है। सान्याल को एक कुशल पहलवान के रूप में चित्रित किया गया है, जिसके लिए रोहित ने मल्लखंभ और कलारीपयट्टू का कड़ा अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि निर्देशक निक्खल आडवाणी चाहते थे कि उनका लुक 'फाइट क्लब' के ब्रैड पिट जैसा प्रभावशाली दिखे।
सीरीज केवल युद्ध और संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस दौर के सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत रिश्तों को भी गहराई से छूती है। सान्याल और लाहिरी के बीच का प्रेम संबंध कहानी में एक भावनात्मक गहराई जोड़ता है, जो दर्शकों को किरदारों से जोड़ने में मदद करेगा।
Frequently Asked Questions
1. 'द रिवोल्यूशनरीज' किस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी?
यह सीरीज 11 सितंबर से अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी।
2. यह सीरीज किस पुस्तक पर आधारित है?
यह संजीव सान्याल की पुस्तक 'Revolutionaries: The Other Story of How India Won Its Freedom' पर आधारित है।