मारियाप्पन चिन्न द्वारा निर्देशित फिल्म 'इमोर्टल' एक औसत दर्जे की हॉरर-फैंटेसी है, जो एक दिलचस्प विचार के बावजूद कमजोर लेखन और उबाऊ पटकथा के कारण विफल हो जाती है।
- फिल्म का मुख्य विषय एक रहस्यमयी जीव और एक जाल में फंसा हुआ युवक है।
- कमजोर पटकथा और उबाऊ पात्रों के कारण फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है।
- केवल सिनेमैटोग्राफी और जीव का डिजाइन ही फिल्म के सकारात्मक पहलू हैं।
मारियाप्पन चिन्न की नवीनतम फिल्म 'इमोर्टल' (Immortal) एक पारंपरिक हॉरर फिल्म के ढर्रे पर चलती है, जहाँ एक व्यक्ति एक ऐसे घर में फंस जाता है जहाँ से निकलना असंभव लगता है। हालांकि, फिल्म में एक छोटा सा मोड़ यह है कि इसमें केवल भूत-प्रेत नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी जीव (vampire bat) को दिखाया गया है, जो मानव रूप धारण कर सकता है और विचारों को पढ़ सकता है।
फिल्म की कहानी जी.वी. प्रकाश कुमार (G.V. Prakash Kumar) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मैगी नामक एक युवक की भूमिका निभा रहे हैं। मैगी एक प्रीमियम अपार्टमेंट में कायादु लोहार (Kayadu Lohar) द्वारा अभिनीत सिंधु के साथ रहने का प्रस्ताव स्वीकार करता है, लेकिन जल्द ही उसे एहसास होता है कि वह एक भयानक जाल में फंस चुका है।
क्यों यह फिल्म महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आधुनिक सिनेमा में केवल 'विजुअल इफेक्ट्स' पर्याप्त नहीं हैं। 'इमोर्टल' जैसी फिल्में यह साबित करती हैं कि यदि पात्रों के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव नहीं है, तो सबसे शानदार ग्राफिक्स भी फिल्म को सफल नहीं बना सकते। फिल्म में नायक के चरित्र को बहुत ही सतही और केवल वासना से प्रेरित दिखाया गया है, जिससे दर्शक उसके साथ सहानुभूति महसूस नहीं कर पाते।
एक अच्छी हॉरर फिल्म डर पैदा करने के लिए माहौल का उपयोग करती है, न कि केवल कमजोर पटकथा को छिपाने के लिए।
फिल्म का लेखन काफी हद तक असंगत है। निर्देशक फिल्म के ब्रह्मांड के नियम कहानी के बीच-बीच में अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। सैम सीएस (Sam CS) का संगीत भी औसत दर्जे का है और कहानी में गहराई लाने में विफल रहता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हॉरर और फैंटेसी शैली का मेल भारतीय सिनेमा में 'पिज्जा' और 'तूंबाड' जैसी फिल्मों के बाद से काफी लोकप्रिय हुआ है। जहाँ 'तूंबाड' ने अपने गहरे विश्व-निर्माण (world-building) से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं 'इमोर्टल' उन मानकों तक पहुँचने में पूरी तरह विफल रही है।
| विशेषता | इमोर्टल (Immortal) | पिज्जा (Pizza) |
|---|---|---|
| शैली | हॉरर-फैंटेसी | हॉरर-थ्रिलर |
| पात्रों का जुड़ाव | बहुत कम | बहुत अधिक |
| निर्देशन | औसत | उत्कृष्ट |
Frequently Asked Questions
1. क्या 'इमोर्टल' देखने लायक है?
यदि आप केवल विजुअल इफेक्ट्स और जीव के डिजाइन के शौकीन हैं, तो ही इसे देखें, अन्यथा यह निराश करती है।
2. फिल्म की मुख्य कमजोरी क्या है?
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कमजोर पटकथा और उबाऊ पात्र हैं।