थिएटर में दर्शकों की घटती संख्या से निपटने के लिए रीगल सिनेमा, IFTA और CNC ने एक अंतरराष्ट्रीय पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें 'न्यूट्रल प्रोग्रामिंग' के जरिए खाली स्क्रीन का उपयोग किया जाएगा।
- रीगल सिनेमा, IFTA और CNC ने 'फ्यूचर ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन' पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया।
- खाली पड़े सिनेमा स्क्रीन को एक स्वतंत्र प्रोग्रामर को सौंपा जाएगा ताकि अधिकतम भीड़ जुटाई जा सके।
- यह पहल बिना किसी नए निवेश या सब्सिडी के केवल प्रोग्रामिंग नवाचार के माध्यम से दर्शकों को वापस लाने का प्रयास है।
फ्रांस के सेंट-पॉल-डी-वेंस में आयोजित लुमियर समिट के दौरान, Regal Cinemas, Independent Film & Television Alliance (IFTA) और CNC ने 'फ्यूचर ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन' (Future of Distribution) नामक एक महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय पहल की शुरुआत की। इस पायलट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सिनेमाघरों में दर्शकों की लगातार गिरती संख्या को रोकना और स्क्रीन के उपयोग को अनुकूलित करना है।
इस मॉडल के तहत, भाग लेने वाले सिनेमाघर अपनी उन स्क्रीन और समय स्लॉट्स को एक 'न्यूट्रल प्रोग्रामर' (तटस्थ प्रोग्रामर) को सौंपेंगे जो वर्तमान में खाली या कम उपयोग किए जा रहे हैं। इस प्रोग्रामर का एकमात्र लक्ष्य अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा। वह वाइड रिलीज फिल्मों, वृत्तचित्रों (documentaries), पुराने क्लासिक सिनेमा (repertory titles) और विशेष आयोजनों के बीच चयन करेगा, बिना किसी स्टूडियो दबाव या सर्किट प्राथमिकताओं के।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम फिल्म वितरण के पारंपरिक ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब तक, फिल्मों का समय और चयन स्टूडियो के समझौतों पर निर्भर था, लेकिन यह प्रयोग दिखाता है कि डेटा-संचालित और तटस्थ प्रोग्रामिंग दर्शकों की पसंद को बेहतर ढंग से समझ सकती है। यह साबित करने की कोशिश है कि समस्या दर्शकों की कमी नहीं, बल्कि फिल्मों और समय के गलत तालमेल की है।
सांख्यिकीय आंकड़े इस संकट की गंभीरता को दर्शाते हैं। 2025 में उत्तरी अमेरिका में थिएटर प्रवेश लगभग 770 मिलियन था, जो 2019 की तुलना में लगभग 37% कम है। जबकि स्क्रीन की संख्या स्थिर रही है, लेकिन कुल ऑक्यूपेंसी रेट मात्र 11% से 15% के बीच सिमट गई है।
"सिनेमा का भविष्य अब केवल बड़ी फिल्मों पर नहीं, बल्कि इस बात पर निर्भर है कि हम उपलब्ध बुनियादी ढांचे का उपयोग कितनी बुद्धिमानी से करते हैं।"
इस पहल को पांच मुख्य सिद्धांतों द्वारा संचालित किया जा रहा है: सिनेमाघरों की भागीदारी स्वैच्छिक होगी, मौजूदा रिलीज शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होगा, निगरानी संरचना स्वतंत्र होगी, केवल उन्हीं स्लॉट्स का उपयोग होगा जो अन्यथा खाली रहते, और परिणामों को सामूहिक सीखने के लिए साझा किया जाएगा।
Frequently Asked Questions
1. 'न्यूट्रल प्रोग्रामर' का क्या अर्थ है?
यह एक स्वतंत्र विशेषज्ञ होता है जो किसी फिल्म स्टूडियो से जुड़ा नहीं होता और केवल दर्शकों की रुचि के आधार पर फिल्मों का चयन करता है।
2. इस प्रोजेक्ट के परिणाम कब आएंगे?
पायलट प्रोजेक्ट इस साल की चौथी तिमाही में शुरू होगा और शुरुआती रिपोर्ट 2027 की पहली छमाही में जारी की जाएगी।