टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपनी अंतरधार्मिक शादी और बेटे को लेकर मिल रही नफरत पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्रोलर्स को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि कौन सा धर्म बच्चों के प्रति नफरत करना सिखाता है।
- देवोलीना भट्टाचार्जी ने इंटरफेथ मैरिज के बाद समाज और सोशल मीडिया से मिल रही ट्रोलिंग पर बात की।
- एक्ट्रेस ने विशेष रूप से अपने बेटे 'जॉय' को लेकर की जा रही धार्मिक टिप्पणियों पर दुख जताया।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि वह और उनके पति शाहनवाज सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं।
मशहूर टेलीविजन अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी अक्सर अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के उन पहलुओं को साझा किया जो जनता की नजरों में केवल गॉसिप होते हैं, लेकिन एक माँ और पत्नी के तौर पर उन्हें गहरा मानसिक कष्ट पहुँचाते हैं। देवोलीना ने 2022 में जिम और फिटनेस ट्रेनर शाहनवाज शेख से शादी की थी, जिसके बाद से ही वे लगातार सामाजिक दबाव और ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं।
पॉडकास्ट के दौरान देवोलीना ने बताया कि उन्हें अब धर्म को लेकर सीधे तौर पर ट्रोल नहीं किया जाता, क्योंकि दुनिया ने देखा है कि वे दोनों एक-दूसरे के धर्म और परंपराओं का सम्मान करते हैं। हालांकि, ट्रोलिंग का स्वरूप बदल गया है। उन्होंने खुलासा किया कि जहाँ कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि उन्होंने अपने पति को 'हिंदू बना दिया', वहीं उनके अपने समुदाय के लोग उनके तलाक की अटकलें लगाते रहते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident highlights the deep-seated religious polarization in digital spaces. Even in a modern society, interfaith couples are often reduced to religious symbols rather than individuals, and the inclusion of children in such toxicity indicates a worrying trend of 'generational trolling' where innocent kids are targeted for their parents' choices.
सबसे अधिक दर्दनाक क्षण तब आया जब देवोलीना ने अपने बेटे जॉय के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि लोग अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि उनका बच्चा किस धर्म को अपनाएगा। इस बात को कहते हुए अभिनेत्री भावुक हो गईं और उन्होंने सवाल किया कि आखिर कौन सा धर्म किसी मासूम बच्चे या उसके माता-पिता को ट्रोल करना सिखाता है।
"दूसरे धर्म को गाली देना अपने धर्म का सम्मान करना नहीं है; असली धर्म मानवता और दूसरों के प्रति सम्मान में निहित है।"
देवोलीना ने आगे कहा कि एक माँ के लिए अपने बच्चे के बारे में नकारात्मक बातें सुनना सबसे कठिन होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निगेटिविटी फैलाकर कोई भी व्यक्ति ईश्वर के करीब नहीं पहुँच सकता। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि उन्हें दूसरों की चिंता छोड़कर अपने स्वयं के आचरण और धर्म के वास्तविक मूल्यों पर ध्यान देना चाहिए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: देवोलीना भट्टाचार्जी के पति कौन हैं?
देवोलीना के पति शाहनवाज शेख हैं, जो पेशे से एक जिम और फिटनेस ट्रेनर हैं।
प्रश्न 2: देवोलीना ने ट्रोलर्स को क्या जवाब दिया?
उन्होंने कहा कि दूसरों के धर्म का अपमान करना अपने धर्म का सम्मान करना नहीं है और लोगों को अपनी निगेटिविटी छोड़कर मानवता पर ध्यान देना चाहिए।